Samachar Post रिपोर्टर, रांची : यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन में दाखिले के लिए चयनित झारखंड के एक मेधावी छात्र को स्वीकृत छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने 39,76,655.20 रुपये की छात्रवृत्ति राशि छात्र को 5 अक्टूबर 2026 तक जारी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश जस्टिस राजेश शंकर ने रांची के कांके निवासी सनत झा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने कहा कि राशि निर्धारित समय तक जारी नहीं होने पर झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के कार्यकारी निदेशक को 6 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
Southampton University में B.Tech के लिए हुआ है चयन
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सनत झा का चयन यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन में तीन वर्षीय B.Tech Software Engineering (Computer Science and Information System) पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। छात्र ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के 9 जुलाई 2024 के संकल्प के तहत छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। पात्रता पर विचार के बाद झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के कार्यकारी निदेशक ने 9 सितंबर 2026 को छात्रवृत्ति स्वीकृत की थी। इसी दिन 39,76,655.20 रुपये के भुगतान के लिए भी पत्र जारी किया गया था। हालांकि, स्वीकृति के बावजूद छात्र को राशि उपलब्ध नहीं कराई गई।
5 अक्टूबर तक फीस जमा करने की समयसीमा
अधिवक्ता के अनुसार, यूनिवर्सिटी में फीस जमा करने की अंतिम तिथि पहले 21 सितंबर 2026 थी। छात्र के अनुरोध पर विश्वविद्यालय ने इसे बढ़ाकर 5 अक्टूबर 2026 कर दिया। छात्र ने संबंधित अधिकारियों से छात्रवृत्ति राशि जारी करने का अनुरोध किया, लेकिन भुगतान नहीं होने के बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया। अदालत ने कहा कि छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने से छात्र का दाखिला प्रभावित होने की आशंका है। कोर्ट ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति मेधावी विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा हासिल करने के उद्देश्य से बनाई गई सरकारी नीति के प्रभाव को भी प्रभावित कर सकती है।
राशि नहीं मिली तो 6 अक्टूबर को अधिकारी को होना होगा पेश
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को 5 अक्टूबर तक पूरी छात्रवृत्ति राशि जारी करने और इसकी सूचना छात्र तथा राज्य सरकार के अधिवक्ता को देने का निर्देश दिया है। साथ ही, अगली सुनवाई से पहले इस संबंध में प्रति शपथ पत्र दाखिल करने को कहा गया है।यदि निर्धारित समय तक राशि जारी नहीं होती है, तो झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के कार्यकारी निदेशक को 6 अक्टूबर 2026 को अदालत में सशरीर उपस्थित होकर भुगतान नहीं होने का कारण बताना होगा। मामले की अगली सुनवाई भी 6 अक्टूबर को होगी।






















