Samachar Post रिपोर्टर, साहिबगंज : झारखंड के साहिबगंज जिले के रांगा थाना क्षेत्र स्थित एक आवासीय स्कूल में आठवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में स्कूल के नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा और स्कूल निदेशक जाफर शेख को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रा की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आया मामला
परिजनों के अनुसार, छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे चिकित्सक के पास ले जाया गया। जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद परिजनों को कथित यौन अपराध की जानकारी मिली। परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्कूल में तैनात नाइट गार्ड ने छात्रा के साथ कई बार दुष्कर्म किया और घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे धमकी दी। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

स्कूल निदेशक पर भी गंभीर आरोप
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल निदेशक ने परिवार को चुप रहने के लिए कहा था। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। परिजनों की शिकायत पर 29 सितंबर को रांगा थाना में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
रांगा थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाइट गार्ड और स्कूल निदेशक को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल के अनुसार, मामले की जांच जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आवासीय स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बताया गया है कि संबंधित स्कूल आवासीय है और छात्रा छात्रावास में रहती थी। ऐसे में छात्रावास और स्कूल परिसर में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, रात में निगरानी, परिसर में प्रवेश और निकास की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी तथा बच्चों के लिए सुरक्षित शिकायत तंत्र जैसे पहलू ऐसे संस्थानों में महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
साहिबगंज की इस घटना ने आवासीय स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को सामने रखा है। ऐसे संस्थानों में बच्चे लंबे समय तक परिसर में रहते हैं, इसलिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों की निगरानी की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब पुलिस जांच के साथ यह भी देखना अहम होगा कि घटना से जुड़े आरोपों में क्या तथ्य सामने आते हैं और स्कूल स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है या नहीं।
सरकार और प्रशासन की निगरानी पर भी नजर
घटना के बाद आवासीय स्कूलों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों के सत्यापन से लेकर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तक सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता की समीक्षा जरूरी है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



















