Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : चरही थाना क्षेत्र स्थित चिंतपूर्णी स्टील प्लांट में मंगलवार शाम हाइवा की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय नरेश महतो के रूप में हुई है। वह प्लांट के इंगोट विभाग में काम करता था। हादसे के बाद परिजनों और साथी मजदूरों ने मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर देर रात तक हंगामा किया।
गर्म लोहे की गर्मी के कारण बाहर निकला था मजदूर
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे इंगोट विभाग में काम करने के दौरान गर्म लोहे के कारण नरेश को अधिक गर्मी महसूस हुई। इसके बाद वह विभाग से बाहर निकला। इसी दौरान 22 चक्का हाइवा (JH 02 BM 9340) की चपेट में आ गया।हादसे में नरेश की मौके पर ही मौत हो गई। वह मांडू थाना क्षेत्र के बलसागरा के पतरवा टोला का रहने वाला था और पिछले करीब 25 वर्षों से प्लांट में काम कर रहा था।
मुआवजा और नौकरी की मांग, शव उठाने से किया इनकार
हादसे की सूचना मिलते ही नरेश के परिजन, साथी मजदूर और स्थानीय जनप्रतिनिधि प्लांट पहुंचे। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। मांग पूरी होने तक उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया। कुछ मजदूरों ने हाइवा चालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने चालक के नशे में होने का दावा भी किया, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के बाद मजदूरों और ग्रामीणों ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सुरक्षा मानकों और श्रमिकों से जुड़े नियमों का पर्याप्त पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने प्लांट में सेफ्टी इंजीनियर की मौजूदगी और लेबर कोड के प्रावधानों के पालन को लेकर भी सवाल उठाया।
जनप्रतिनिधियों ने की मुआवजा और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
घटना के बाद रामगढ़ विधायक ममता देवी, मांडू विधायक निर्मल महतो और भाजपा नेता शिवलाल महतो समेत कई जनप्रतिनिधि प्लांट पहुंचे। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से बातचीत कर मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने की मांग की।जनप्रतिनिधियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग रखी।
कंपनी ने आरोपों से किया इनकार
कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों और ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधन के अनुसार, प्लांट में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता है। कंपनी ने बताया कि मंगलवार को मजदूरों को वेतन दिया गया था और नरेश भी वेतन की राशि गिनते हुए बाहर निकला था। इसी दौरान वह हाइवा की चपेट में आ गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।






















