Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में विस्थापितों के आंदोलन और कर्मचारियों की आवाजाही बाधित होने से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में प्लांट में शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका दिखे, तो प्रशासन स्थिति खराब होने का इंतजार किए बिना तुरंत कार्रवाई करे, ताकि संयंत्र को नुकसान न पहुंचे। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। बोकारो उपायुक्त की ओर से कोर्ट को बताया गया कि प्लांट के सभी 11 गेट खुल चुके हैं और कर्मचारियों की आवाजाही सामान्य हो गई है। प्रार्थी की ओर से भी स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी गई। इसके बाद कोर्ट ने याचिका निष्पादित कर दी।
BSL के सभी 11 गेट खुले, आवाजाही सामान्य
सुनवाई के दौरान बोकारो डीसी ने अंडरटेकिंग देकर बताया कि बोकारो स्टील प्लांट के सभी 11 प्रवेश द्वार खुल गए हैं। प्लांट में शांति व्यवस्था बहाल है और अधिकारियों व कर्मचारियों की आवाजाही सामान्य हो चुकी है। हालांकि, हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्लांट में शांति भंग होने की आशंका होने पर समय रहते कदम उठाए जाएं, ताकि उत्पादन और संयंत्र की सुरक्षा प्रभावित न हो।
विस्थापितों के आंदोलन से प्रभावित हुआ था उत्पादन
दरअसल, बीएसएल में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों ने प्लांट के प्रवेश द्वारों पर आंदोलन किया था। पिछली सुनवाई में प्रार्थी की ओर से बताया गया था कि करीब नौ दिनों तक सभी प्रवेश द्वारों पर जाम लगा रहा। इससे प्लांट के अंदर और बाहर आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया था। याचिका में कहा गया था कि इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद करीब 15 हजार अधिकारी और कर्मचारी प्लांट के अंदर फंस गए थे। वहीं, ड्यूटी के लिए पहुंचे कई कर्मचारी अंदर प्रवेश नहीं कर सके।
18 अक्टूबर को भी कोर्ट ने दिया था निर्देश
इस मामले में 18 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बोकारो जिला प्रशासन को कर्मचारियों की आवाजाही सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने बोकारो डीसी से जवाब भी मांगा था। आंदोलन के कारण ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट और स्टील मेल्टिंग शॉप जैसी प्रमुख उत्पादन इकाइयों का कामकाज प्रभावित होने की बात भी सामने आई थी। अब स्थिति सामान्य होने के बाद याचिका निष्पादित कर दी गई है, लेकिन हाईकोर्ट ने भविष्य में किसी भी संभावित तनाव से निपटने के लिए प्रशासन को पहले से सतर्क रहने का निर्देश दिया है।






















