Samachar Post डेस्क, रांची : रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने बुधवार को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी के शेयर 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 21.36 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 1,358 रुपये पर लिस्ट हुए। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऐसे में निवेशकों के सामने सवाल है कि लिस्टिंग से मिले मुनाफे के बाद शेयर बेचें या लंबे समय के लिए अपने पास रखें। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी के शेयरों की मजबूत शुरुआत के बाद उसके बाजार मूल्य में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ग्रे मार्केट के अनुमान से कम कीमत पर हुई लिस्टिंग
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का प्रीमियम करीब 247 रुपये बताया जा रहा था। इसके आधार पर शेयर के लगभग 1,366 रुपये पर लिस्ट होने का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, शेयर 1,358 रुपये पर लिस्ट हुए। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत में गिरावट भी दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्ट में रिलायंस के शेयर में 1.65 प्रतिशत की गिरावट और कीमत 1,176.70 रुपये तक पहुंचने का उल्लेख है। हालांकि, इस आंकड़े में जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को लेकर स्पष्टता नहीं है।
बाजार मूल्य के लिहाज से एयरटेल से आगे निकली जियो
रिपोर्ट के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण करीब 15.92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस आधार पर कंपनी बाजार मूल्य के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई, जबकि भारती एयरटेल तीसरे स्थान पर रही। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को भारती एयरटेल का शेयर NSE पर 1,978.80 रुपये पर बंद हुआ था और कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 12.35 लाख करोड़ रुपये था। बुधवार को एयरटेल के शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को मिला 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला था। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और निवेशकों ने 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाईं।
निवेशकों की विभिन्न श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 70.55 गुना
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): 14 गुना
- रिटेल निवेशक: 2.72 गुना
- रिलायंस के मौजूदा शेयरधारक: 7.60 गुना
- कर्मचारी श्रेणी: 2.93 गुना
शेयर बेचें या लंबे समय तक रखें?
शेयर की मजबूत लिस्टिंग के बाद निवेशकों के लिए यह तय करना जरूरी है कि वे मुनाफा लेकर बाहर निकलें या कंपनी में निवेश बनाए रखें। केवल लिस्टिंग पर मिले प्रीमियम के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। फैसला लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य में कमाई की संभावनाओं, शेयर के मूल्यांकन और अपने निवेश की अवधि पर ध्यान देना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत ऊपर या नीचे जा सकती है। इसलिए निवेश का निर्णय अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप लें।























