Samachar Post रिपोर्टर, साहेबगंज: विकास और बुनियादी सुविधाओं के दावों के बीच साहेबगंज जिले के बोरियो प्रखंड स्थित चपड़ी गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ग्रामीण इलाकों की हकीकत बयां करती है। यहां सड़क के अभाव में एक गंभीर रूप से बीमार महिला को ग्रामीणों ने खाट पर लादकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। मामला तेलो पंचायत के चपड़ी गांव का है, जहां 45 वर्षीय आदिम जनजाति महिला सोमी पहाड़िन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इलाज की जरूरत पड़ने पर परिजनों और ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की थी, क्योंकि गांव तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है।
खाट बनी एम्बुलेंस
जानकारी के अनुसार सोमी पहाड़िन पिछले एक महीने से अपनी बहन के घर गुटीबेड़ा में रह रही थीं। तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर उनके भाई गुहिया पहाड़िया, चचेरे भाई टाइटस मालतो, रूबेन मालतो और अन्य ग्रामीण उन्हें वापस चपड़ी गांव लेकर आए। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को महिला को खाट पर लादकर खेतों, पगडंडियों और उबड़-खाबड़ रास्तों से पैदल गुजरना पड़ा। यह दृश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है।
78 साल बाद भी सड़क का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि देश की आजादी के 78 वर्ष बाद भी चपड़ी गांव सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। गांव के युवक आकाश मालतो ने बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब गांव का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से लगभग कट जाता है। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से बीमार सोमी पहाड़िन के परिजनों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, जिसके कारण उनके समुचित इलाज में भी कठिनाइयां आ रही हैं।
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प्रसव के समय बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीण गुहिया पहाड़िया ने बताया कि गांव में यदि किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होती है तो उसे भी खाट पर उठाकर करीब तीन किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में सड़क की कमी उनके लिए सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। ग्रामीण टाइटस मालतो ने कहा कि सरकार हर गांव तक सड़क पहुंचाने की बात करती है, लेकिन चपड़ी गांव की स्थिति इन दावों की पोल खोलती है। उनका आरोप है कि योजनाएं कागजों पर तो बनती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका लाभ गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है।
DC से लगाई मदद की गुहार
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव तक जल्द पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही बीमार महिला सोमी पहाड़िन के निशुल्क और बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की भी अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं गांव तक नहीं पहुंचेंगी, तब तक ऐसी दर्दनाक तस्वीरें सामने आती रहेंगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।