हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल, सुधार की मांग

Meenu | July 18, 2026 | 04:57 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी और वार्ड बॉय की कमी को मरीजों की सुरक्षा और इलाज व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए अस्पताल प्रबंधन से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।

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मरीजों का हाल जानने पहुंचे थे अस्पताल

रंजन चौधरी ने बताया कि वह सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने पहुंचे थे। इस दौरान मेल ऑर्थो वार्ड की ओर जाते समय उन्होंने अस्पताल की बहुमंजिला इमारत के बरामदे और मुख्य प्रवेश द्वार पर बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों को घूमते देखा। उन्होंने कहा कि इसी भवन में प्रसूति कक्ष, लेबर ओटी, ऑर्थो ओटी, सर्जरी ओटी, SNCU, महिला ओपीडी सहित कई महत्वपूर्ण वार्ड संचालित होते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर आवारा कुत्तों की मौजूदगी मरीजों, नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए संक्रमण और रेबीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।

वार्ड बॉय की कमी से मरीजों को परेशानी

निरीक्षण के दौरान रंजन चौधरी ऑर्थो वार्ड में भर्ती एक मरीज से मिलने पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि एक मरीज के परिजन खुद ही स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाने के लिए मजबूर थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आउटसोर्स एजेंसी राइडर सिक्योरिटी के सुपरवाइजर शैलेंद्र पाठक को ऑर्थो वार्ड में दूसरे शिफ्ट के दौरान पर्याप्त संख्या में वार्ड बॉय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

अस्पताल प्रबंधन को दी चेतावनी

रंजन चौधरी ने कहा कि यदि अस्पताल की व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ और मरीजों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ा, तो पूरे मामले की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने, सफाई व्यवस्था मजबूत करने और पर्याप्त संख्या में वार्ड बॉय की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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