Samachar Post रिपोर्टर, रांची : छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर दिए गए अपने कथित विवादित बयान पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सफाई दी है। रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से उनके बयान को लेकर जो प्रतिक्रिया सामने आई है, वह उनके मूल बयान के संदर्भ को सही तरीके से नहीं समझती।
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सदर अस्पताल में घायल छात्रों से हुई थी मुलाकात
शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि 12 अगस्त को वह सदर अस्पताल गई थीं। वहां उन्होंने आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की थी, जो अस्पताल में इलाज करा रहे थे। मंत्री के मुताबिक, इसी दौरान उनसे छात्रों के आंदोलन और सरकार के साथ बातचीत को लेकर सवाल पूछे गए थे। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान का संदर्भ सदर अस्पताल में घायल अनशनकारियों से हुई मुलाकात और वहां की स्थिति से था।
छात्र प्रतिनिधिमंडल में अनशनकारी नहीं होने का जिक्र
मंत्री ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने गए छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल में एक भी अनशनकारी शामिल नहीं था। उन्होंने दावा किया कि मीडिया के सामने उन्होंने इसी तथ्य को स्पष्ट किया था। शिल्पी तिर्की ने कहा कि उनके बयान का यह अर्थ नहीं था कि सरकार छात्रों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है या आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की भूमिका को कम करके देखा जा रहा है। मंत्री ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उनके बयान को अलग संदर्भ में पेश किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसका पूरा संदर्भ समझें और पूरी जानकारी हासिल करें। शिल्पी नेहा तिर्की ने इस मुद्दे पर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को लगता है कि उसने छात्र आंदोलन को हाईजैक कर लिया है, तो यह उसका भ्रम है। मंत्री के मुताबिक, छात्र अब भी सतर्क हैं और अपनी मांगों को लेकर जागरूक हैं।

सरकार समाधान के लिए बातचीत के पक्ष में
मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों की ओर से छात्रों को राजनीतिक रूप से भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, सरकार लगातार छात्रों की मांगों को समझने और उन्हें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन मांगों पर सरकार के साथ सहमति बन चुकी है, उन पर काम करने के लिए सरकार को कुछ समय दिया जाना चाहिए।
अनशन खत्म करने की अपील
शिल्पी नेहा तिर्की ने लंबे समय से अनशन कर रहे छात्रों से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर बातचीत और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए, ताकि आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।





















