Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : एग्रिको क्लब हाउस में तैयार भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन गुरुवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया। इस अवसर पर जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, टीएसपीडीएल के महाप्रबंधक जयदेव चंद समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस वर्ष पंडाल को काल्पनिक मंदिर की थीम पर सजाया गया है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
नवरात्र शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व : रघुवर दास
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और एग्रिको पूजा कमिटी के मुख्य संरक्षक रघुवर दास ने झारखंडवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्र और दुर्गा पूजा शक्ति की उपासना, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। नौ दिनों तक मां भगवती के नौ स्वरूपों की आराधना कर श्रद्धालु शक्ति, साहस और समृद्धि की कामना करते हैं। रघुवर दास ने नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा, मां काली और मां लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूपों में नारी शक्ति की आराधना की जाती है। समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण जरूरी है। उन्होंने पूजा कमिटी के अध्यक्ष वाई.पी. सिंह, महासचिव भूपेंद्र सिंह और आयोजन समिति के सदस्यों की सराहना करते हुए आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।

जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि नवरात्र शक्ति की उपासना का पर्व है। औद्योगिक शहर जमशेदपुर में धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन लोगों को मानसिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर के लोग पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं। यह आयोजन जमशेदपुर की उस पहचान को दर्शाता है, जहां आधुनिकता के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का भी महत्व है।
काल्पनिक मंदिर की थीम, 16 फीट ऊंची प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष एग्रिको पूजा पंडाल को काल्पनिक मंदिर की थीम पर तैयार किया गया है। पंडाल में प्लाईवुड की बारीक कारीगरी, बांस, पेस्टल रंगों और सुनहरी रोशनी का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मंदिरनुमा संरचना और आकर्षक विद्युत सज्जा श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है। पंडाल के अंदर पश्चिम बंगाल के सुंदरवन क्षेत्र में मिलने वाले हुगला पत्तों से मां दुर्गा की 16 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई गई है। प्रतिमा की अनूठी सजावट और पंडाल की कलात्मक बनावट इसे खास बना रही है। सीढ़ियों के रास्ते पंडाल में प्रवेश कर श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे।
मेले में झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भोग की व्यवस्था
पूजा कमिटी के महासचिव भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, इस वर्ष मेले में झूले, आकर्षक रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पंडाल और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आग से बचाव के लिए अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था की गई है। मेले, यातायात और पूजा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समिति के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। महासप्तमी, महाष्टमी और महानवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच विशेष भोग का वितरण किया जाएगा। रघुवर दास ने मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव बनाए रखने की कामना की।






















