Samachar Post रिपोर्टर, साहिबगंज : सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती अब शादी तक पहुंचती नजर आ रही है। पंजाब के फरीदकोट जिले के मेहमुआना गांव निवासी भिंडर सिंह को झारखंड के साहिबगंज जिले के सकरीगली की एक मूक-बधिर युवती से प्यार हो गया। दोनों करीब दो वर्षों से इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए संपर्क में थे। प्रेमिका से मिलने पंजाब से साहिबगंज पहुंचे युवक को रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने रोक लिया। पूछताछ के बाद दोनों को परिजनों की मौजूदगी में बांड भरवाकर छोड़ दिया गया। अब दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर बातचीत चल रही है।
दो साल से सोशल मीडिया पर चल रहा था प्रेम संबंध
जानकारी के अनुसार, भिंडर सिंह और साहिबगंज की युवती करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों बोलने में असमर्थ हैं और वीडियो कॉल के दौरान इशारों के जरिए अपनी बात साझा करते थे। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और युवक अपनी प्रेमिका से मिलने सकरीगली पहुंच गया। बताया जाता है कि युवक युवती को अपने साथ पंजाब ले जाने की तैयारी में था। इसी दौरान दोनों रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के संपर्क में आए। पुलिस ने दोनों को रोककर पूछताछ शुरू की और मामले की जानकारी उनके परिजनों को दी।
परिजनों की मौजूदगी में बांड भरवाकर छोड़ा
मामले की जानकारी मिलने के बाद भिंडर सिंह के पिता सुखदेव सिंह अपनी पत्नी मंजीत कौर और बेटे पवनप्रीत सिंह के साथ सकरीगली पहुंचे। युवती के परिजनों को भी जीआरपी थाने बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, युवक और युवती दोनों बालिग हैं। किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए बांड भरवाकर दोनों को छोड़ दिया गया। युवक दसवीं पास बताया जा रहा है, जबकि युवती के पिता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।
शादी को लेकर दोनों परिवारों में बातचीत
पुलिस से रिहाई के बाद अब दोनों परिवारों के बीच विवाह को लेकर चर्चा चल रही है। जानकारी के मुताबिक, भिंडर सिंह का परिवार फिलहाल सकरीगली में ही रुका हुआ है। परिवारों की सहमति बनने पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित शिव मंदिर में विवाह कराए जाने की संभावना जताई गई है। जीआरपी थाना प्रभारी सत्यदेव राम ने बताया कि युवक और युवती को पूछताछ के लिए रोका गया था। दोनों के बोलने में असमर्थ होने के कारण बातचीत में कठिनाई हुई, जिसके बाद परिजनों को बुलाया गया। दोनों के बालिग होने और शिकायत नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। फिलहाल, दोनों परिवारों के बीच सहमति बनने के बाद ही विवाह को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।






















