Samachar Post रिपोर्टर, साहिबगंज : दिल्ली से गुवाहाटी जा रही ब्रह्मपुत्र मेल में अलार्म चेन पुलिंग की जांच के दौरान एक युवक को पकड़ा गया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की पूछताछ में युवक ने खुद को बांग्लादेश का नागरिक बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से 100 रुपये का एक पाकिस्तानी नोट, नेपाली मुद्रा का एक नोट और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए। भारत में प्रवेश और नागरिकता से जुड़े मामले में साहिबगंज रेल थाना (GRP) में 9 अक्टूबर को विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत केस दर्ज किया गया है।
चेन पुलिंग की जांच में सामने आया मामला
आरपीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात ट्रेन संख्या 15657 डाउन ब्रह्मपुत्र मेल करमटोला-साहिबगंज रेलखंड पर किलोमीटर संख्या 234/22 के पास रात 8:51 से 8:55 बजे तक रुकी रही। सामान्य श्रेणी के कोच में अलार्म चेन पुलिंग के कारण ट्रेन का परिचालन बाधित हुआ था। इसके बाद ट्रेन के ड्यूटी मैनेजर ने मेमो-सह-एफआईआर संख्या 28/2026 जारी किया। ट्रेन में एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने संबंधित कोच की जांच की। इस दौरान एक युवक से पूछताछ की गई। युवक ने कथित तौर पर बताया कि वह दिल्ली से गुवाहाटी जा रहा था और सोते समय गलती से उसका हाथ अलार्म चेन के हैंडल से छू गया था। पूछताछ में उसके बांग्लादेशी नागरिक होने का दावा सामने आने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।
दलाल के जरिए भारत आने का दावा
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, युवक ने पूछताछ में बताया कि वह जुलाई 2026 के आसपास एक दलाल की मदद से असम के रास्ते भारत आया था। उसने कथित तौर पर भारत में प्रवेश के लिए दलाल को 10 हजार रुपये देने की बात कही। युवक के बयान के अनुसार, वह गुवाहाटी से ट्रेन के जरिए दिल्ली होते हुए श्रीनगर पहुंचा था। वहां वह सफर अली नाम के एक कबाड़ कारोबारी के यहां काम करने लगा और करीब तीन महीने तक कबाड़ बीनने का काम किया। युवक ने दावा किया कि कारोबारी के श्रीनगर से चले जाने के बाद उसने बांग्लादेश लौटने का फैसला किया। इसी उद्देश्य से वह दिल्ली पहुंचा और गुवाहाटी जाने के लिए ब्रह्मपुत्र मेल में सवार हुआ। हालांकि, भारत में प्रवेश के रास्ते, दलाल की भूमिका और श्रीनगर में काम करने से संबंधित युवक के बयानों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
मोबाइल में पहचान पत्र की तस्वीर दिखाई, पाकिस्तानी नोट भी मिला
आरपीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, युवक भारत में रहने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। उसने अपने मोबाइल फोन में बांग्लादेश सरकार की ओर से जारी पहचान पत्र की तस्वीर दिखाकर अपनी नागरिकता का दावा किया। पहचान पत्र की प्रामाणिकता और उसकी वास्तविक नागरिकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। तलाशी के दौरान युवक के पास से एक पुराना सैमसंग मोबाइल फोन, बिना सिम कार्ड के दो कीपैड मोबाइल फोन, 100 रुपये का एक पाकिस्तानी मुद्रा नोट, नेपाली मुद्रा का एक नोट और दिल्ली से गुवाहाटी का यात्रा टिकट बरामद किया गया। पाकिस्तानी और नेपाली मुद्रा मिलने के कारणों को लेकर फिलहाल कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
साहिबगंज जीआरपी में विदेशी अधिनियम के तहत केस
आरपीएफ की टीम ने युवक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित पोस्ट को सौंपा। इसके बाद उसे साहिबगंज लाया गया, जहां पूछताछ के दौरान उसका बयान वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवक को साहिबगंज जीआरपी के हवाले कर दिया गया। जीआरपी ने 9 अक्टूबर 2026 को कांड संख्या 32/2026 दर्ज किया। मामला विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14(ए)(बी) के तहत दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। अब जांच में युवक की वास्तविक नागरिकता, भारत में प्रवेश के कथित रास्ते, दलाल की भूमिका और पहचान पत्र की प्रामाणिकता की पड़ताल की जाएगी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।























