Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में एनजीटी की रोक के दौरान बालू के अवैध खनन और भंडारण का मामला सामने आया है। धुरकी प्रखंड के कनहर नदी किनारे स्थित माछपानी जंगल में जिला टास्क फोर्स ने छापेमारी कर एक हजार से अधिक टिपर बालू जब्त की है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त बालू की बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। उपायुक्त पीएन मिश्रा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।
चार महीने से अवैध खनन और भंडारण का आरोप
बताया जा रहा है कि एनजीटी की रोक के दौरान पिछले चार महीनों से इलाके के कई बालू घाटों पर अवैध खनन और बालू के भंडारण का कारोबार चल रहा था। इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। कनहर नदी के एक ओर उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाएं हैं, जबकि दूसरी ओर गढ़वा जिला पड़ता है। जंगलों से घिरा और दुर्गम होने के कारण इस इलाके में अधिकारियों की आवाजाही कम रहती है। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर अवैध बालू कारोबार किया जा रहा था।
कार्रवाई रोकने के लिए रास्ता काटने का आरोप
छापेमारी के दौरान टास्क फोर्स को दुर्गम रास्तों के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई में बाधा डालने के लिए अवैध कारोबारियों ने जेसीबी से रास्ता काट दिया था, ताकि टीम नदी और बालू के भंडार तक नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद छापेमारी दल ने मोटरसाइकिल से दुर्गम रास्तों को पार किया और मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
छापेमारी दल का नेतृत्व कर रहे श्री बंशीधर नगर के एसडीएम प्रभाकर मिर्घा और जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर अवैध बालू भंडारण और परिवहन के खिलाफ टीम गठित की गई थी। टीम ने धुरकी थाना क्षेत्र के कनहर नदी किनारे माछपानी जंगल में अवैध रूप से भंडारित एक हजार से अधिक टिपर बालू जब्त की है। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हाथियों के विचरण क्षेत्र में अवैध कारोबार
माछपानी जंगल हाथियों के विचरण क्षेत्र में भी आता है। वन विभाग ने इस संबंध में सूचना देने के लिए बोर्ड लगा रखा है। इसके बावजूद इलाके में बालू के अवैध कारोबार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन और भंडारण पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।























