Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में सुधार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। छात्र नेता चंडी तिवारी की शिकायत पर आयोग ने धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर मामले की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। शिकायत में विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस की कथित कार्रवाई, देर रात छात्र नेता के घर पुलिस के पहुंचने और छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। अब आयोग के निर्देश के बाद मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट अहम होगी।
चंडी तिवारी की शिकायत पर NHRC ने लिया संज्ञान
JPSC-JSSC परीक्षा सुधार मंच की ओर से परीक्षाओं में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया था। इसी दौरान छात्र नेता चंडी तिवारी के साथ कथित पुलिस कार्रवाई का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा। चंडी तिवारी ने आयोग को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत कार्रवाई की है। इसके बाद धनबाद SSP से मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

रात 12:30 बजे घर पहुंची पुलिस, परिवार में डर का आरोप
शिकायत के अनुसार, शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस के दो वाहन चंडी तिवारी के घर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि देर रात पुलिस के पहुंचने से परिवार के सदस्यों में डर का माहौल पैदा हुआ और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले में आयोग ने आरोपों की जांच कराने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए धनबाद SSP से रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने पर भी उठाए सवाल
चंडी तिवारी ने अपनी शिकायत में अपने सहित अन्य छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में सुधार तथा भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। शिकायत में पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने धनबाद SSP को आरोपों की जांच कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अब पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर आयोग मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।





















