Samachar Post रिपोर्टर, पलामू : छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सड़क दुर्घटना में घायल एक नाबालिग को बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल परिसर में उसे एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान घायल दर्द से परेशान रहा और परिजन एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए अस्पताल में गुहार लगाते रहे। समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने के बाद परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ी। इसके बाद घायल नाबालिग को इलाज के लिए मेदिनीनगर ले जाया गया।
एम्बुलेंस की उपलब्धता पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल की एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में दो से चार एम्बुलेंस उपलब्ध होने की बात कही जाती है। ऐसे में आपात स्थिति में रेफर किए गए मरीज को समय पर एम्बुलेंस क्यों नहीं मिल सकी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुर्घटना जैसे मामलों में घायल मरीज को तत्काल बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है। ऐसे में एम्बुलेंस की अनुपलब्धता मरीज और उसके परिजनों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।

सिविल सर्जन ने बताई खराब एम्बुलेंस की वजह
पलामू के सिविल सर्जन अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल की एम्बुलेंस फिलहाल चलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नई एम्बुलेंस खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। सिविल सर्जन के मुताबिक, खराब पड़ी एम्बुलेंस को भी दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि मरीजों को आपात स्थिति में परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
आपात स्थिति में एम्बुलेंस की व्यवस्था कब होगी?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर एम्बुलेंस की सुविधा कैसे उपलब्ध कराई जाएगी। सड़क हादसे जैसे मामलों में घायल को जल्द इलाज मिलने की जरूरत होती है। ऐसे में अस्पताल की परिवहन व्यवस्था सुचारु रखना बेहद महत्वपूर्ण है। अब नई एम्बुलेंस की खरीद और खराब वाहनों की मरम्मत के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों को आपात स्थिति में समय पर एम्बुलेंस की सुविधा मिल पाती है या नहीं।



















