Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र के गोंदलपुरा गांव में मुखिया और ग्रामीणों के बीच विवाद के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। गोंदलपुरा के मुखिया बासुदेव यादव और उनके बेटे करण यादव पर गांव के छड़ीदार किनु महतो और एक अन्य ग्रामीण लालमणि महतो के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में किनु महतो के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिखाई दे रही है, जबकि दूसरे वीडियो में आक्रोशित ग्रामीण मुखिया के घर का घेराव करते नजर आ रहे हैं।
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बैठक की सूचना देने के दौरान विवाद का आरोप
घटना 28 अगस्त की देर शाम की बताई जा रही है। घायल किनु महतो की ओर से बड़कागांव थाने में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, वह 29 अगस्त को गांव में होने वाली एक बैठक की जानकारी ग्रामीणों को दे रहा था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान मुखिया बासुदेव यादव और उनके पुत्र करण यादव ने उसके साथ मारपीट की और धारदार हथियार से हमला किया। किनु महतो के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे वहां से निकालकर इलाज के लिए बड़कागांव अस्पताल पहुंचाया।
बीच-बचाव करने पहुंचे ग्रामीण पर भी हमले का आरोप
मामले में दूसरे ग्रामीण लालमणि महतो ने भी थाने में अलग से आवेदन दिया है। उनका आरोप है कि उन्होंने मुखिया और किनु महतो के बीच हो रहे विवाद को शांत कराने की कोशिश की। लालमणि महतो के अनुसार, बीच-बचाव के दौरान मुखिया और उनके बेटे ने उनके साथ भी मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं। दोनों घायलों का इलाज अस्पताल में चलने की जानकारी है।

मुखिया ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, मुखिया बासुदेव यादव ने मारपीट और धारदार हथियार से हमला करने के आरोपों को खारिज किया है। मुखिया के अनुसार, एक पुराने मामले में बेलदार को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद और बहस हुई थी। उन्होंने दावा किया कि किनु महतो के साथ मारपीट नहीं की गई, बल्कि उसे केवल डराया-धमकाया गया था। मुखिया ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनके घर को घेर लिया और वहां पत्थरबाजी की।
वायरल वीडियो की भी जांच कर रही पुलिस
घटना के बाद गोंदलपुरा गांव में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को आवेदन दिए गए हैं। बड़कागांव थाना पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और मारपीट की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मुखिया और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वायरल वीडियो के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष के आधार पर की जाएगी।





















