बोकारो सदर अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट ने ड्यूटी रूम में लगाई फांसी, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

Meenu | July 31, 2026 | 10:22 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,बोकारो : बोकारो के कैंप-दो स्थित सदर अस्पताल में कार्यरत 42 वर्षीय फिजियोथैरेपिस्ट वीरेंद्र कुमार महतो का शव गुरुवार देर रात अस्पताल के फिजियोथैरेपी कक्ष में फंदे से लटका मिला। अस्पताल के गार्ड ने कमरे का दरवाजा खुला देखकर अंदर प्रवेश किया, जहां वीरेंद्र रस्सी के सहारे पंखे से लटके मिले। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह और बीएस सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

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सुबह ड्यूटी की, शाम को फिर लौटे अस्पताल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र कुमार महतो मूल रूप से गोमिया के रहने वाले थे और सेक्टर-1सी स्थित अपने आवास में परिवार के साथ रहते थे। गुरुवार को उन्होंने सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक अस्पताल में मरीजों का इलाज किया। इसके बाद वे अस्पताल से निकले, लेकिन घर नहीं पहुंचे। पुलिस के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे वे दोबारा अस्पताल आए और फिजियोथैरेपी कक्ष में प्रवेश करने के बाद अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

देर रात घर नहीं पहुंचे तो शुरू हुई तलाश

जब देर रात तक वीरेंद्र घर नहीं लौटे तो परिजनों ने अस्पताल कर्मियों से संपर्क किया। इसके बाद बीएस सिटी थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, जिससे पता चला कि मोबाइल अस्पताल परिसर के आसपास सक्रिय था। तलाशी के दौरान गार्ड ने फिजियोथैरेपी कक्ष में उनका शव देखा, जिसके बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की हो रही जांच

पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से पहले वीरेंद्र ने अपने बैंक खाते से पत्नी के खाते में कुछ राशि ट्रांसफर की थी और इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने अभी आत्महत्या के कारणों की पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं से जांच जारी है।

सिविल सर्जन ने जताया शोक

सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वीरेंद्र कुमार महतो शांत स्वभाव, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे। उनके अनुसार, उन्हें कभी तनावग्रस्त नहीं देखा गया था। ऐसे में यह घटना अस्पताल परिवार के लिए बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

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