Samachar Post डेस्क, रांची : JPSC PGT परीक्षा को लेकर आजसू प्रमुख सुदेश महतो और उनके पूर्व सहयोगी हिमांशु कुमार के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी शुरू हो गई है। सुदेश महतो ने 14 सितंबर को एक पोस्ट के जरिए बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा पर सवाल उठाए। इसके कुछ ही देर बाद हिमांशु कुमार ने परीक्षा की तारीख और अधिकारी के कार्यकाल से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए उनके दावे पर सवाल खड़े किए।
102 से 147 अभ्यर्थियों के सफल होने का दावा
सुदेश महतो ने अपने पोस्ट में दावा किया कि बोकारो के एक परीक्षा केंद्र से 102 से 147 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि JSSC-CGL नियुक्ति मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी ने भी इसी केंद्र से परीक्षा दी थी और सफल हुआ था। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है। इसी आधार पर उन्होंने बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा को लेकर सवाल उठाए। सुदेश महतो ने अपने पोस्ट में बोकारो में DMFT से जुड़े कथित घोटाले के साक्ष्यों को मिटाने का आरोप भी लगाया और मुख्यमंत्री के लिए कई सुझाव रखे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

हिमांशु कुमार ने परीक्षा की तारीखों का दिया हवाला
सुदेश महतो के पोस्ट के जवाब में हिमांशु कुमार ने JPSC PGT और JSSC-CGL परीक्षाओं की तारीखों का उल्लेख किया। उनके अनुसार JPSC PGT-2023 की परीक्षा 18 अगस्त से 10 सितंबर 2023 के बीच हुई थी, जबकि JSSC-CGL-2023 की परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित हुई थी। हिमांशु कुमार का कहना है कि इन दोनों परीक्षाओं के दौरान अजय नाथ झा बोकारो के उपायुक्त के पद पर नहीं थे। उनके मुताबिक, अजय नाथ झा ने 27 मई 2025 को बोकारो DC के रूप में पदभार संभाला था। इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 2023 या 2024 में किसी परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी हुई थी, तो उस समय पद पर नहीं रहने वाले अधिकारी को इसके लिए जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है।
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पूर्व सहयोगी ने दूसरे मामलों पर भी घेरा
हिमांशु कुमार ने सुदेश महतो को जवाब देते हुए अन्य कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि रांची के रविंद्र भवन निर्माण की अनुमानित लागत में कई बार बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस संबंध में आजसू सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने दस्तावेजों के साथ शिकायत की थी। हिमांशु कुमार ने सुदेश महतो से इन मामलों में भी कार्रवाई की मांग उठाने की चुनौती दी। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप और दावे राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं। संबंधित मामलों में आधिकारिक जांच या दस्तावेजी निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।


