- जेएसएससी की बहस पूरी, 24 सितंबर तक शपथ पत्र दाखिल करने की छूट; अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक जारी
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़ी नियुक्ति के मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में मीना कुमारी के मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से दाखिल एलपीए पर सुनवाई हुई। जेएसएससी की ओर से बहस पूरी कर ली गई, जबकि राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने बहस के लिए समय देने का आग्रह किया।
अदालत ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए 30 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। साथ ही खंडपीठ ने कहा कि यदि राज्य सरकार या जेएसएससी मामले में कोई शपथ पत्र दाखिल करना चाहते हैं तो 24 सितंबर तक दाखिल कर सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।
अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक जारी
खंडपीठ ने शिक्षक नियुक्ति से संबंधित अवमानना याचिका की सुनवाई पर लगी रोक को भी जारी रखा है। इससे पहले अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता एवं अन्य ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। वहीं जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने बहस की।
17,786 पदों में 12,046 ही भरे जाने का मामला
मामले में प्रतिवादियों की ओर से अदालत को बताया गया था कि शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में सरकार की ओर से निर्धारित 17,786 पदों के विरुद्ध 12,046 पद ही भरे गए हैं। इसके बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने प्रार्थियों की ओर से दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर योग्य और निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले 2,034 अभ्यर्थियों को भी नियुक्त करने का निर्देश दिया था।
शिक्षक नियुक्ति से जुड़े इस मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट ने वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भी गठित की है। मामले की सुनवाई के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अदालत के समक्ष पक्ष रखा जा रहा है।




















