Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : घाघीडीह सेंट्रल जेल के बाहर फोटो लेने को लेकर शुक्रवार को विवाद हो गया। आरोप है कि जेल गेट पर ड्यूटी में तैनात हवलदार भास्कर कुमार ने कवरेज के लिए पहुंचे प्रभात खबर के फोटो पत्रकार सुरजन कुमार का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। मोबाइल नहीं देने पर पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप है। घटना जेल गेट के सामने मुख्य सड़क पर हुई। विवाद के बाद कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
गांधी जयंती पर जेल पहुंचे थे अधिकारी
गांधी जयंती के अवसर पर उपायुक्त राजीव रंजन के नेतृत्व में अपर आयुक्त, एडीएम और एसडीओ समेत कई प्रशासनिक अधिकारी घाघीडीह सेंट्रल जेल पहुंचे थे। जेल में निरीक्षण और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के दौरान कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद प्रभात खबर के फोटो पत्रकार कवरेज के लिए जेल गेट के बाहर पहुंचे थे। इसी दौरान फोटो लेने को लेकर उनकी हवलदार से कहासुनी हो गई। आरोप है कि हवलदार ने फोटो खींचने से रोकते हुए पत्रकार का मोबाइल लेने का प्रयास किया। पत्रकार के मुताबिक, मोबाइल नहीं देने पर उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद जेल गेट पर तैनात अन्य सुरक्षाकर्मी भी मौके पर पहुंचे। इस बीच वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई।
भाजपा युवा नेता भी मौके पर पहुंचे
विवाद के दौरान वहां से गुजर रहे भाजपा युवा महानगर जिला अध्यक्ष नीतीश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हवलदार के व्यवहार पर आपत्ति जताई। इस दौरान दोनों के बीच नोकझोंक भी हुई। नीतीश कुमार ने कहा कि किसी व्यक्ति को मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाते देखकर सीधे मोबाइल छीनने का प्रयास करने के बजाय पहले उससे फोटो लेने का उद्देश्य पूछा जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उसकी पहचान और संबंधित दस्तावेज की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
जेल के बाहर फोटो-वीडियो पर रोक को लेकर सवाल
घटना के बाद जेल गेट के बाहर फोटो और वीडियो बनाने पर रोक को लेकर भी सवाल उठे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि यदि सुरक्षा कारणों से जेल के बाहर फोटो या वीडियो बनाने पर प्रतिबंध है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी के लिए गेट के बाहर सूचना बोर्ड लगाया जाना चाहिए। लोगों का कहना था कि जेल की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी है, लेकिन कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और फोटो या वीडियो बनाने के उद्देश्य की जानकारी लेना भी जरूरी है। वहीं, पत्रकार का मोबाइल छीनने के प्रयास और कथित अभद्र व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए गए।
जेल अधीक्षक ने जांच का दिया आश्वासन
मामले की जानकारी जेल अधीक्षक अजय प्रजापति को फोन पर दी गई। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जेल गेट के बाहर वाहनों के अंदर से वीडियो बनाने के मामले सामने आ रहे थे। इसके बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से जेल के बाहर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने को लेकर कार्रवाई की जा रही है। जेल अधीक्षक ने कहा कि यदि हवलदार की ओर से पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया गया है या मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में तथ्य सामने आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






















