amachar Post रिपोर्टर, रामगढ़ : चुट्टूपालू घाटी में शुक्रवार रात एक ब्रेक फेल हाइवा ने एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बस में सवार कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं। दुर्घटना के बाद घाटी में करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हालांकि रात में ही दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया।
ब्रेक फेल होने के बाद हाइवा ने कई वाहनों को मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार, हाइवा संख्या JH 02BM 7942 का ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। इसके बाद हाइवा ने सबसे पहले बस संख्या JH 02AF 0528 को टक्कर मारी। फिर ट्रेलर संख्या AP 16TF 6229, कार संख्या JH 01AV 6477 समेत अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। बाइक सवार सुशील कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
गंभीर रूप से घायल बाइक सवार अस्पताल में भर्ती
रेस्क्यू टीम की मदद से घायल सुशील कुमार सिंह को तत्काल रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं बस में सवार कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद वे अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। टक्कर के बाद बस का डीजल सड़क पर फैल गया था। घाटी में पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक लेन रही बंद, रात में हटाए गए दुर्घटनाग्रस्त वाहन
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने का काम शुरू किया गया। हादसे के बाद घाटी की एक लेन को बंद कर दूसरी लेन से वाहनों की आवाजाही कराई गई। वाहनों की लंबी कतार के कारण यातायात काफी धीमा हो गया और करीब 4 किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही। बाद में वाहनों को हटाए जाने के बाद आवागमन सामान्य हो सका।
चुट्टूपालू घाटी में लगातार हादसों से चिंता
चुट्टूपालू घाटी में लगातार सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में चिंता है। स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों की नियमित जांच, पर्याप्त रोशनी, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी ट्रैफिक नियंत्रण की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने की घटनाओं को रोकने के लिए केवल हादसे के बाद राहत कार्य पर्याप्त नहीं है। दुर्घटनाओं के कारणों की जांच कर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है।





















