पश्चिमी सिंहभूम में शिक्षा व्यवस्था को लेकर डीसी सख्त, शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन तक दिए निर्देश

Meenu | August 21, 2026 | 03:07 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिले के सभी बीआरपी और सीआरपी ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षक और विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और अनुशासन बनाए रखने को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।

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शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश

उपायुक्त ने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित और समयबद्ध उपस्थिति को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति का सीधा असर पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ता है। उन्होंने बीआरपी, सीआरपी और संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने को कहा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

छात्रों की उपस्थिति में गिरावट नहीं हो

उपायुक्त ने विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में किसी भी स्थिति में गिरावट नहीं आनी चाहिए। लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के कारणों का पता लगाने और जरूरत पड़ने पर अभिभावकों से समन्वय स्थापित कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि नियमित स्कूल आना बच्चों के शैक्षणिक विकास और सीखने के परिणामों से सीधे जुड़ा है। इसलिए स्कूल से लेकर जिला स्तर तक इसकी लगातार निगरानी जरूरी है।

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर विशेष नजर

बैठक में मध्याह्न भोजन योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्कूलों में निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले, इसकी नियमित निगरानी होनी चाहिए। अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मियों को स्कूलों का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और संचालन व्यवस्था की जांच करने को कहा गया।

18 साल पूरे कर चुके छात्रों का होगा मतदाता पंजीकरण

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को मतदाता जागरूकता और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में स्कूलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्कूलों में ऐसे छात्र-छात्राओं की पहचान करने को कहा गया, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष के हो जाएंगे। ऐसे सभी पात्र विद्यार्थियों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए स्कूल स्तर पर विशेष पहल करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्कूल लोकतांत्रिक जागरूकता विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए छात्रों को मतदाता पंजीकरण की पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी दी जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने और इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।

छात्राओं को सावित्रीबाई फुले योजना का लाभ दिलाने का निर्देश

बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने सभी पात्र छात्राओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा। अधिकारियों को पात्र छात्राओं की पहचान, आवेदन प्रक्रिया और लाभ मिलने की स्थिति की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया, ताकि कोई योग्य छात्रा योजना के लाभ से वंचित न रहे। उपायुक्त ने उन्नति का पहिया साइकिल वितरण योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों को समय पर साइकिल उपलब्ध कराने और वितरण प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा। लाभुकों की सूची, वितरण की स्थिति और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

योजनाओं का लाभ धरातल तक पहुंचाने पर जोर

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ विद्यार्थियों और स्कूलों तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग, समस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने को कहा। बीआरपी और सीआरपी को क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्कूलों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरी सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समन्वय पर जोर

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिक्षक-विद्यार्थी उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, मतदाता पंजीकरण, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और साइकिल वितरण योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

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