JSSC-CGL परीक्षा रद्द मामले में अभ्यर्थियों को कोर्ट से राहत, बोले- अब रणनीति से लड़ेंगे आगे की जंग

Meenu | August 21, 2026 | 04:44 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक योग्यताधारी स्तर (CGL) परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में सफल अभ्यर्थियों को न्यायालय से राहत मिली है। परीक्षा रद्द होने के बाद भविष्य को लेकर असमंजस और तनाव में चल रहे अभ्यर्थियों ने कोर्ट के फैसले को बड़ी राहत बताया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से उनके भविष्य पर अनिश्चितता का बादल छाया हुआ था। मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा में सफलता हासिल करने के बावजूद परीक्षा रद्द होने से वे परेशान थे। अब न्यायालय के फैसले के बाद उन्हें आगे की लड़ाई के लिए नई उम्मीद मिली है।

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कोर्ट के फैसले से दूर हुई भविष्य की चिंता

सफल अभ्यर्थियों के मुताबिक, परीक्षा पास करने के बाद उन्हें नियुक्ति की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने के फैसले ने पूरी स्थिति बदल दी। कई अभ्यर्थी अपने भविष्य और नौकरी को लेकर चिंतित थे। एक सफल अभ्यर्थी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। मेहनत से परीक्षा पास करने के बाद भी आगे क्या होगा, यह स्पष्ट नहीं था। कोर्ट के फैसले से अब उन्हें आगे की राह को लेकर उम्मीद जगी है।

अभिभावकों ने भी ली राहत की सांस

JSSC-CGL में सफल अभ्यर्थियों के साथ उनके परिवारों की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई, कोचिंग और तैयारी पर परिवारों ने वर्षों तक मेहनत और संसाधन लगाए हैं। परीक्षा विवाद के बाद परिवार भी मानसिक दबाव में थे। कोर्ट के फैसले के बाद अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजनों में भी राहत का माहौल है। अभ्यर्थियों ने कहा कि कोर्ट से मिली राहत के बाद अब उनका ध्यान आगे की रणनीति पर है। वे सरकार और JSSC की आगामी कार्रवाई पर नजर रखेंगे और अपने अधिकारों को लेकर कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे की लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि न्यायालय के फैसले से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। अब सभी सफल अभ्यर्थी एकजुट होकर अपने भविष्य और नियुक्ति के लिए आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

आंदोलन के बाद अब कानूनी लड़ाई पर नजर

JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद सफल अभ्यर्थी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रोजेक्ट भवन समेत राजधानी के अलग-अलग स्थानों पर अभ्यर्थियों ने अपनी मांगें उठाईं। अब कोर्ट से मिली राहत के बाद अभ्यर्थियों की नजर सरकार और आयोग के अगले कदम पर है। आने वाले दिनों में मामले की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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