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भविष्य दांव पर, आंखों में मायूसी… प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे JSSC-CGL पास अभ्यर्थी

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Samachar Post रिपोर्टर,रांची : राजधानी के धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के सामने शुक्रवार को JSSC-CGL परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ सैकड़ों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों में अपने भविष्य को लेकर चिंता और नाराजगी साफ नजर आ रही है। अभ्यर्थी हाथों में तख्तियां लेकर “परीक्षा रद्द करना बंद करो” समेत अन्य नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों के भविष्य को अब अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

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सालों की मेहनत के बाद मिली थी सफलता

धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद JSSC-CGL परीक्षा पास की थी। कई छात्र ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनका दावा है कि कुछ अभ्यर्थियों ने रांची में रहकर पढ़ाई करने के लिए कर्ज लिया और अपनी जमा-पूंजी तक खर्च कर दी। परीक्षा परिणाम आने के बाद परिवारों में नौकरी की उम्मीद जगी थी, लेकिन परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद अभ्यर्थियों के सामने भविष्य को लेकर सवाल खड़ा हो गया है।

उम्र सीमा को लेकर भी चिंता

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि कई उम्मीदवारों की उम्र निर्धारित सीमा के करीब पहुंच चुकी है। ऐसे में यदि दोबारा परीक्षा होती है तो कुछ अभ्यर्थियों के लिए उसमें शामिल होना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से पास अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार करने और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर उठाए सवाल

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने परीक्षा विवाद को लेकर कुछ बड़े कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण पूरी चयन प्रक्रिया प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि यदि किसी संस्था या व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

‘पूरी परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं’

पास अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जांच कर दोषी उम्मीदवारों या संबंधित केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है, जिन्होंने मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा पास की है। छात्रों ने सरकार और आयोग से तकनीकी जांच और अन्य उपलब्ध माध्यमों से गड़बड़ी की पहचान कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रोजेक्ट भवन के बाहर सुरक्षा के इंतजाम

छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रोजेक्ट भवन के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास किया गया, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांगों पर कायम हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार परीक्षा बहाल करने और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर ठोस आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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Meenu

Reporter  |  Samachar Post

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