जामताड़ा में KCC लोन के नाम पर 25.20 लाख रुपये की कथित ठगी, 42 किसानों को मिला कुर्की-जब्ती नोटिस

Rupa Kumari | July 17, 2026 | 04:27 PM IST
  • किसानों का आरोप- बिना जानकारी निकाली गई लोन राशि, अब बैंक मांग रहा ब्याज समेत वसूली

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जिले में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2023-24 में केसीसी लोन के लिए आवेदन करने वाले 42 किसानों के नाम पर लगभग 25.20 लाख रुपये की राशि निकाली गई, जबकि किसानों का दावा है कि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। अब बैंक की ओर से बकाया राशि और ब्याज की वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाने के बाद प्रभावित किसान चिंता में हैं। यह मामला जामताड़ा जिले के उदलबनी पंचायत के आसनचुआ तथा बरजोरा पंचायत के बरजोरा गांव से जुड़ा बताया जा रहा है।

आवेदन के बाद नहीं मिली लोन स्वीकृति की जानकारी

पीड़ित किसानों के अनुसार उन्होंने वर्ष 2023-24 में किसान क्रेडिट कार्ड लोन के लिए एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) के माध्यम से आवेदन किया था। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन पत्र जमा किए गए थे। किसानों का कहना है कि आवेदन के बाद उन्हें लोन स्वीकृति या राशि वितरण संबंधी कोई सूचना नहीं दी गई। ग्रामीणों का दावा है कि बाद में उनके मोबाइल फोन पर करीब 60 हजार रुपये की निकासी के संदेश आने लगे। उनका आरोप है कि उन्होंने ऐसी कोई निकासी नहीं की और न ही उन्हें यह जानकारी थी कि उनके नाम पर लोन खाता संचालित किया गया है। किसानों का आरोप है कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित CSP केंद्र बंद हो गया और उसका संचालक भी वहां से गायब हो गया। इसके बाद पीड़ित किसानों ने बैंक अधिकारियों से संपर्क कर मामले की शिकायत की।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने संबंधित बैंक शाखा और पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी थी। वर्ष 2024 में पुलिस अधीक्षक को भी लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि मामले की जांच होगी और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि अब उन्हें बकाया राशि जमा करने संबंधी नोटिस प्राप्त हुए हैं।

5 हजार रुपये की सीमा वाला कार्ड मिलने की बात

प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्हें केवल एक क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया गया था, जिसकी सीमा 5 हजार रुपये बताई गई थी। कुछ किसानों ने उसी सीमा तक राशि निकाली थी। उनका आरोप है कि 60 हजार रुपये की कथित लोन राशि की निकासी उनकी जानकारी और सहमति के बिना हुई।

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आर्थिक संकट में फंसे किसान

ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश प्रभावित परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं और सीमित आय में जीवनयापन करते हैं। ऐसे में बड़ी राशि की वसूली और कुर्की-जब्ती की चेतावनी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा उन्हें राहत देने की मांग की है।

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