चतरा में कानून बेबस, अपराधी बेखौफ: एक ही रात में दो हत्या और तीन लाख की लूट

Rupa Kumari | December 29, 2025 | 03:58 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, चतरा: चतरा जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार सवालों के घेरे में है। बीती रात हुई दो बड़ी आपराधिक घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस की पकड़ कमजोर पड़ती नजर आ रही है। एक ओर कुंदा थाना क्षेत्र में गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर गिद्धौर थाना क्षेत्र में नकाबपोश अपराधियों ने पेट्रोल पंप से करीब तीन लाख रुपये लूट लिए। दोनों घटनाएं एक ही रात की हैं।

कुंदा में गोलीबारी, दो की मौत

कुंदा थाना क्षेत्र के गेंद्र गांव में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब टीएसपीसी से जुड़े दो गुटों के बीच आपसी विवाद हिंसक हो गया। देखते ही देखते गोलियां चलने लगीं और इस गोलीबारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आपराधिक गतिविधियां जारी थीं, लेकिन पुलिस की ओर से समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। ग्रामीणों का सवाल है कि जिन लोगों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे, वे खुलेआम गांव में कैसे घूम रहे थे।

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पहले से रडार पर थे आरोपी

सूत्रों के अनुसार, इस गोलीकांड में शामिल लोग पहले से ही पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर थे। बावजूद इसके न तो उनकी निगरानी की गई और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। घायलों को इलाज के लिए पहले स्थानीय अस्पताल और फिर बेहतर उपचार के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में डर और सन्नाटा पसरा हुआ है।

गिद्धौर में पेट्रोल पंप लूट

उधर, गिद्धौर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी। आधी रात के बाद चतरा–इटखोरी मुख्य सड़क पर स्थित इंदु फ्यूल पेट्रोल पंप पर नकाबपोश बदमाश पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को बंधक बनाया, मारपीट की और करीब तीन लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। यह घटना किसी सुनसान इलाके में नहीं, बल्कि मुख्य मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर हुई, जिससे रात में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

दहशत में लोग, उठ रहे सवाल

इन दोनों घटनाओं के बाद जिले में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि अब रात में घर से निकलना या दुकान खोलना सुरक्षित नहीं रहा। लोगों का सवाल है कि जब पेट्रोल पंप जैसे स्थान भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करे।

भरोसे की कसौटी पर पुलिस

घटना के बाद आईजी सुनील भास्कर ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश जरूर दिए हैं, लेकिन चतरा के लोग अब केवल आदेशों और आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि हर बड़ी वारदात के बाद निर्देश तो आते हैं, लेकिन कुछ दिनों में मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। अब चतरा पुलिस के सामने सिर्फ अपराधियों को पकड़ने की नहीं, बल्कि आम जनता का भरोसा दोबारा जीतने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। जिले की जनता अब ठोस कार्रवाई चाहती है, सिर्फ बयान नहीं।

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