Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग को लेकर रविवार को जामताड़ा के गांधी चौक के पास धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
इरफान अंसारी ने लगाए गंभीर आरोप
धरने को संबोधित करते हुए इरफान अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं और बिहार तथा पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। उनका आरोप है कि अब झारखंड में भी ऐसी स्थिति पैदा होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच स्पष्टता और पारदर्शिता जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटते हैं तो इससे उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। अंसारी के ये आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक व्यवस्था में SIR-2026 के तहत मतदाता अपना नाम खोज सकते हैं, आवेदन की स्थिति देख सकते हैं और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायत या अपील दर्ज कर सकते हैं।
18 से 22 वर्ष के युवाओं को लेकर भी उठाया सवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया में 18 से 22 वर्ष के युवाओं के नाम भी प्रभावित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नए और युवा मतदाताओं को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। धरने के दौरान वक्ताओं ने कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के मुद्दे का किया जिक्र
अंसारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर देशभर में चर्चा हो रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पूर्व प्रशासनिक कार्यकाल का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
मतदाता सूची जांचने की अपील
धरने में लोगों से अपनी मतदाता सूची में नाम की स्थिति जांचने की अपील भी की गई। चुनाव आयोग के पोर्टल पर SIR-2026 के तहत पिछली मतदाता सूची में नाम खोजने, नई मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया और संबंधित शिकायत व अपील की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मामले में लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। SIR के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े मामलों की अंतिम स्थिति निर्वाचन प्रक्रिया और सक्षम अधिकारियों के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।



















