Samachar Post रिपोर्टर, रांची : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सोमवार को रांची में जारी रहा। निर्वाचन आयोग कार्यालय के घेराव के दौरान कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि SIR के बाद बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटने की बात सामने आ रही है और इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंता पैदा हो रही है।
EVM और VVPAT को लेकर भी उठाए सवाल
अंबा प्रसाद ने कहा कि मतदाता सूची के अलावा EVM और VVPAT को लेकर भी लोगों के बीच सवाल और संदेह हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से हट जाता है और बाद में उसे दोबारा आवेदन करने के लिए कहा जाता है, तो ऐसी प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता जरूरी है। अंबा प्रसाद के ये दावे और आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 के लिए मतदाता सूची में नाम खोजने, नाम जोड़ने और हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने तथा अपील की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बिहार, पश्चिम बंगाल और असम का भी किया जिक्र
कांग्रेस विधायक ने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम की मतदाता सूचियों का जिक्र करते हुए SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पुनरीक्षण के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं और बाद में उन्हें फिर से मतदाता के रूप में शामिल किया जाता है, तो विपक्षी दलों के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दल चुनाव प्रक्रिया पर किस तरह भरोसा बनाए रखें।
T.N. शेषन के कार्यकाल का दिया उदाहरण
अंबा प्रसाद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि शेषन के कार्यकाल में चुनाव आयोग की संस्थागत भूमिका और आचार संहिता के पालन पर विशेष जोर दिया गया था। उन्होंने EPIC यानी वोटर आईडी कार्ड की शुरुआत का भी उल्लेख किया। अंबा प्रसाद ने SIR के दौरान दस्तावेजों और सत्यापन को लेकर आम मतदाताओं को होने वाली कथित परेशानी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ ऐसे मतदाताओं के नाम प्रभावित हो रहे हैं जिन्हें वह वास्तविक मतदाता मानती हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित निर्वाचन रिकॉर्ड या आयोग की जांच से ही हो सकती है।
मतदाताओं से नाम जांचने की अपील
उन्होंने लोगों से अपनी मतदाता सूची में नाम की स्थिति जांचने और किसी तरह की समस्या होने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने की अपील की। निर्वाचन आयोग भी मतदाताओं को अपनी वेबसाइट के जरिए नाम और मतदान संबंधी जानकारी जांचने तथा आवेदन और शिकायत की स्थिति देखने की सुविधा देता है।


















