JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे चयनित अभ्यर्थी

Rupa Kumari | August 21, 2026 | 11:53 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा रद्द किए जाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। चयनित अधिकारियों की ओर से शुक्रवार को अदालत में याचिका दायर की गई, जिसमें सरकार के निर्णय को चुनौती दी गई है। साथ ही मामले की जल्द सुनवाई कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

सरकार के फैसले के खिलाफ शुरू हुई कानूनी लड़ाई

दरअसल, JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के 26 दिनों तक चले आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था। इस निर्णय के बाद परीक्षा के आधार पर चयनित और नियुक्ति प्राप्त अभ्यर्थियों की नौकरी पर भी संकट खड़ा हो गया। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वैध प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की थी। उनका तर्क है कि यदि कहीं अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना व्यक्तिगत जांच के सभी चयनित उम्मीदवारों को प्रभावित करना उचित नहीं है।

लगातार जारी है विरोध-प्रदर्शन

सरकार के फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थी लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल के दिनों में प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरना, फ्लैश मार्च और तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनका पक्ष सुने बिना ही नियुक्तियों को प्रभावित करने वाला फैसला लिया गया।

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हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें

अब मामला अदालत पहुंचने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की उम्मीदें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाई थी। ऐसे में JSSC-CGL मामले में भी अदालत की आगामी सुनवाई और आदेश पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि वे न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी नियुक्ति और भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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