Samachar Post डेस्क,पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और लंबे समय तक राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने संगठन की कार्यशैली और नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठाए।
यह भी पढ़ें : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने मांगी SIT की स्टेटस रिपोर्ट, केंद्र, यूपी सरकार और ट्रस्ट को जारी किया नोटिस
‘सम्मान नहीं मिलेगा तो काम करना मुश्किल’
इस्तीफे के बाद मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता के लिए सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होता है। उनका आरोप है कि समर्पित कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही और उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में संगठन में काम करना कठिन हो जाता है।
तेजस्वी यादव की टीम पर साधा निशाना
मृत्युंजय तिवारी ने बिना किसी व्यक्ति का नाम लिए कहा कि पार्टी में कुछ प्रभावशाली लोगों के कारण संगठन कमजोर हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी चिंताओं से प्रदेश नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया था, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बातें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तक भी पहुंचीं, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

‘कठिन दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा’
तिवारी ने कहा कि उन्होंने RJD के कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं, जिन्हें उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाया। उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक पहुंचाने का लगातार प्रयास किया।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
मृत्युंजय तिवारी लंबे समय तक RJD का प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनके इस्तीफे को बिहार की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। आगामी राजनीतिक और चुनावी माहौल के बीच इस फैसले ने पार्टी के भीतर की स्थिति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। अब राजनीतिक नजरें RJD नेतृत्व की प्रतिक्रिया और मृत्युंजय तिवारी के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।

Reporter | Samachar Post

