JMM-Congress गठबंधन में बढ़ी खींचतान? कांग्रेस कोटे के आयोगों का भविष्य अधर में, नियुक्तियों पर सस्पेंस

Meenu | July 17, 2026 | 03:55 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड की सत्तारूढ़ JMM-कांग्रेस गठबंधन में सब कुछ सामान्य नहीं होने की राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव के बाद दोनों दलों के संबंधों को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव के बाद कांग्रेस संगठन ने अब तक प्रदर्शन की औपचारिक समीक्षा नहीं की है, जिससे पार्टी के भीतर भी असंतोष की बातें सामने आ रही हैं।

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कांग्रेस कोटे के अधिकांश आयोगों का कार्यकाल समाप्त

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कोटे से गठित अधिकांश आयोगों और बोर्डों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। फिलहाल केवल दो बोर्ड ऐसे हैं, जिनका कार्यकाल अभी जारी है। कृषि मार्केटिंग बोर्ड अध्यक्ष रविंद्र सिंह, धार्मिक न्यास बोर्ड अध्यक्ष जयशंकर पाठक इन दोनों बोर्डों का कार्यकाल पांच वर्ष का है, जबकि अन्य कई आयोगों और बोर्डों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा है।

इन आयोगों में नियुक्तियों का इंतजार

कार्यकाल पूरा कर चुके प्रमुख आयोगों में शामिल हैं झारखंड राज्य गोसेवा आयोग अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, झारखंड राज्य युवा आयोग अध्यक्ष कुमार गौरव राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इन पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

पार्टी के भीतर उठ रहे सवाल

कांग्रेस के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा भी है कि संगठन स्तर पर नियुक्तियों को लेकर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई। वहीं, कुछ सूत्रों का दावा है कि गठबंधन सहयोगी की ओर से संभावित नामों की सूची मांगी गई थी, लेकिन इस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही कांग्रेस या JMM की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार कांग्रेस कोटे के रिक्त आयोगों और बोर्डों में नई नियुक्तियां करती है या मौजूदा व्यवस्था को कुछ समय और जारी रखती है। आने वाले दिनों में इस पर सरकार और गठबंधन सहयोगियों का रुख स्पष्ट होने की संभावना है।

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