Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची सदर अस्पताल के सर्जरी वार्ड में 22 सितंबर को एक मरीज के ठंड से कांपने और समय पर कंबल नहीं मिलने का मामला सामने आया है। चुटिया निवासी 26 वर्षीय मौर्य मनीष कुमार पैनक्रियाज की बीमारी के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनका शुगर लेवल भी काफी बढ़ा हुआ था। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें फ्लूड चढ़ाया जा रहा था, इसी दौरान उन्हें तेज ठंड लगने लगी। मनीष को तीसरे तल्ले के सर्जरी वार्ड में बेड नंबर-30 पर भर्ती किया गया था। बेटे को ठंड से कांपता देख उनकी मां प्रतिमा कुमारी कंबल लेने नर्सिंग डेस्क पहुंचीं। आरोप है कि वहां उन्हें कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा गया।
कंबल नहीं मिला तो मां ने चटाई से ढका
कंबल नहीं मिलने पर मां वापस बेटे के पास पहुंचीं और फर्श पर रखी चटाई उठाकर उसे ओढ़ा दी। इससे भी मनीष को राहत नहीं मिली। इसके बाद पास के मरीज के तीमारदार से दूसरी चटाई लेकर उसे ढकने की कोशिश की गयी। मनीष की कंपकंपी जारी रही तो मां ने उसे अपने सीने से लगा लिया और उसी बेड पर लेट गयीं। कुछ देर बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। परिजनों के मुताबिक करीब आधे घंटे बाद मरीज को कंबल उपलब्ध कराया गया। मनीष को 28 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी।
वायरल वीडियो के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जारी किया दूसरा वीडियो
घटना का वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें बेड नंबर-30 पर भर्ती एक दूसरे मरीज से घटना के बारे में सवाल किए गए। वीडियो में युवक ने कहा कि उसे उस दिन कंबल की जरूरत नहीं थी और वह अपना कंबल घर से लेकर आया था। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे मरीज के विवरण को लेकर सवाल खड़े हो गए। उसके सिरहाने लगे बोर्ड पर नाम रोपना महतो, उम्र 28 वर्ष, भर्ती की तारीख 1 अक्टूबर और सर्जन के तौर पर डॉ. इंदु का नाम दर्ज दिखाई देता है। जबकि जिस घटना का वीडियो वायरल हुआ, वह 22 सितंबर की बतायी जा रही है और उस दिन बेड नंबर-30 पर मौर्य मनीष कुमार भर्ती थे।
वार्ड में भर्ती रहे दूसरे मरीज ने भी की घटना की पुष्टि
मामले की पड़ताल के दौरान सर्जरी वार्ड में भर्ती रहे गुमला निवासी इंद्रजीत नायक ने भी घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उस दिन मरीज काफी कांप रहा था और उसकी मां कंबल के लिए परेशान हो रही थीं। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था और नर्सिंग स्टाफ के रवैये पर भी सवाल उठाए। घटना के कुछ दिन बाद सर्जरी वार्ड के मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। ऐसे में 22 सितंबर की घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी वीडियो में बाद की तारीख में भर्ती मरीज के दिखाई देने से प्रबंधन के डैमेज कंट्रोल पर सवाल उठ रहे हैं।



















