Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रामगढ़ जिले के मांडू अंचल में NH-33 चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा भुगतान में कथित अनियमितता के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई की है। ACB की हजारीबाग टीम ने गुरुवार को मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मांडू अंचल के तत्कालीन अमीन बालेश्वर प्रसाद (69) और रामगढ़ जिला भू-अर्जन कार्यालय के तत्कालीन प्रधान सहायक प्रवीण कुमार सिन्हा (63) के रूप में हुई है। ACB के अनुसार, दोनों को इस मामले में प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
1.92 एकड़ जमीन के मुआवजे से जुड़ा है मामला
यह मामला रामगढ़ जिले के मौजा जोड़ाकरम, मांडू स्थित खाता नंबर 126 और प्लॉट नंबर 2677 की 1.92 एकड़ जमीन से जुड़ा है। यह जमीन NH-33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई थी। ACB के मुताबिक, जमीन के मुआवजा भुगतान में अनियमितता बरते जाने का आरोप है। यह मामला पंचाट संख्या 02 के तहत किए गए मुआवजा भुगतान से संबंधित है।

2018 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले को लेकर हजारीबाग थाना में 18 सितंबर 2018 को कांड संख्या 13/18 दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में तत्कालीन सहायक, प्रधान सहायक, अमीन, कानूनगो समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। ACB ने जांच के क्रम में तत्कालीन अमीन बालेश्वर प्रसाद और तत्कालीन प्रधान सहायक प्रवीण कुमार सिन्हा को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।





















