Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या-2 की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा गया। अदालत ने इस मांग पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। अदालत ने जुर्माने की राशि झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (झालसा) में जमा कराने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को निर्धारित की गई है।
ED के तत्कालीन अधिकारियों ने दायर की है याचिका
यह याचिका ED के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज और देवव्रत झा समेत अन्य की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई है। रांची के SC-ST थाना में ED अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या-2 की ओर से अदालत से छह सप्ताह का समय मांगा गया। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। छह सप्ताह का समय मांगने पर अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और इसे झालसा में जमा कराने को कहा।
ED की ओर से वरीय अधिवक्ता ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। अब मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी, जिसमें प्राथमिकी रद्द करने की याचिका पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।




















