Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : डिमना स्थित MGM मेडिकल कॉलेज में 2026 बैच के MBBS छात्रों के साथ कथित रैगिंग और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि 2024 और 2025 बैच के करीब 15 सीनियर छात्रों ने आठ जूनियर छात्रों के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। कॉलेज प्रशासन की ओर से एंटी-रैगिंग कमेटी के स्तर पर पूछताछ की जा रही है। छात्रावास की CCTV फुटेज भी जांच के दायरे में है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित छात्रों के खिलाफ आर्थिक दंड से लेकर परीक्षा से डिबार करने और हॉस्टल से निष्कासन तक की कार्रवाई की जा सकती है।
बुधवार देर रात हॉस्टल में हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे MGM मेडिकल कॉलेज के PG पुरुष छात्रावास में हुई। 2026 बैच के प्रथम वर्ष के छात्र हॉस्टल में रह रहे थे। इसी दौरान सीनियर छात्रों के एक समूह पर उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और रैगिंग करने का आरोप लगा। पीड़ित छात्रों के अनुसार, उनके साथ शारीरिक प्रताड़ना से ज्यादा अभद्र भाषा और गाली-गलौज की गई। घटना के बाद नए बैच के कई छात्र देर रात हॉस्टल से बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख छात्रावास के कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया और छात्रों को समझाकर शांत कराया।
एंटी-रैगिंग कमेटी ने शुरू की पूछताछ
घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। शनिवार सुबह प्राचार्य कक्ष में एंटी-रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई। इस दौरान 2026 बैच के विद्यार्थियों को बुलाकर घटना के संबंध में जानकारी ली गई। संबंधित प्रीफेक्ट और 2024 व 2025 बैच के कथित आरोपी छात्रों से भी अलग-अलग पूछताछ की गई। कॉलेज प्रशासन ने छात्रावास और गलियारों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए सुरक्षित कर ली है। फुटेज और छात्रों के बयानों के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
SDM ने तीन घंटे तक की मामले की समीक्षा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शनिवार शाम SDM अर्णव मिश्रा MGM मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य, अस्पताल अधीक्षक और एंटी-रैगिंग सेल के अधिकारियों के साथ तीन घंटे से अधिक समय तक बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की। SDM ने पीड़ित जूनियर छात्रों और कथित आरोपी सीनियर छात्रों से अलग-अलग बंद कमरे में बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने हॉस्टल का औचक निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।
दोषी पाए जाने पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन छात्र शामिल थे और उनकी भूमिका क्या थी। दोषी पाए जाने पर संबंधित छात्रों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। संभावित कार्रवाई में 25 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना, परीक्षा से डिबार करना और हॉस्टल से निष्कासन जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। फिलहाल कॉलेज प्रशासन एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच, छात्रों के बयान और CCTV फुटेज के आधार पर मामले की पूरी जानकारी जुटा रहा है।





















