Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और फर्जी कैशबैक मैसेज भेजकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस अधीक्षक शम्भु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नारायणपुर और कर्माटांड़ थाना क्षेत्रों में छापेमारी की गई। साइबर डीएसपी अमित कुमार और पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास ने कार्रवाई की जानकारी दी।
दो अलग-अलग ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
साइबर डीएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। नारायणपुर थाना क्षेत्र के बांका गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव स्थित मैदान में पुलिस टीम ने छापेमारी कर तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हासीम अंसारी, सैयद अंसारी, कोसर अंसारी और अफताब हुसैन के रूप में हुई है।
9 मोबाइल और 10 फर्जी सिम बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 10 फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग कंपनियों के 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल और सिम की जांच के जरिए साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी देशभर में लोगों को निशाना बनाते थे। ठगी के लिए वे अलग-अलग तरीके अपनाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कैनरा बैंक का अधिकारी बनकर ग्राहकों से बैंक और निजी जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद कथित तौर पर इसी जानकारी का इस्तेमाल खाते से पैसे निकालने के लिए किया जाता था।
PhonePe पर भेजते थे ₹999 का फर्जी कैशबैक मैसेज
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों का दूसरा तरीका फर्जी कैशबैक मैसेज भेजना था। वे लोगों को PhonePe पर ₹999 कैशबैक मिलने का मैसेज भेजते थे। मैसेज पर क्लिक करने और ‘Accept’ विकल्प दबाने के बाद पीड़ित के पैसे कथित तौर पर ठगों के फर्जी ऐप या खाते में ट्रांसफर हो जाते थे। ऐसे किसी भी संदिग्ध कैशबैक मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है। बैंक या डिजिटल पेमेंट से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
साइबर अपराध थाना में केस दर्ज
इस मामले में जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 63/26 दर्ज किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। छापेमारी टीम में पुलिस निरीक्षक-सह-थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक विकाश कुमार तिवारी, पुलिस अवर निरीक्षक हीरालाल महतो समेत रिजर्व गार्ड के आरक्षी और हवलदार शामिल थे।






















