Samachar Post रिपोर्टर,लोहरदगा : झारखंड के लोहरदगा में आयोजित नेशनल ट्राइबल मीट इन दिनों देश की जनजातीय विविधता, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का जीवंत मंच बना हुआ है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के तत्वावधान में चिरी स्थित डायट परिसर में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए करीब 900 स्काउट्स एंड गाइड्स हिस्सा ले रहे हैं। 10 अगस्त तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतिभागी अपनी जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत की प्रस्तुति दे रहे हैं। रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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9 राज्यों और रेलवे की टीमें ले रहीं हिस्सा
नेशनल ट्राइबल मीट में 9 राज्यों के साथ रेलवे की टीमों के स्काउट्स और गाइड्स शामिल हुए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से आए बच्चे अपनी विशिष्ट जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत कर रहे हैं। कैंप में हर दिन लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन प्रस्तुतियों के जरिए प्रतिभागी एक-दूसरे की संस्कृति को करीब से समझ रहे हैं।
राज्यपाल संतोष गंगवार आज होंगे मुख्य अतिथि
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर 9 अगस्त को आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो और पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। राज्यपाल के आगमन को लेकर कैंप परिसर में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।
चिरी डायट परिसर बना ‘मिनी इंडिया’
लोहरदगा का चिरी डायट परिसर इन दिनों ‘मिनी इंडिया’ का स्वरूप पेश कर रहा है। अलग-अलग राज्यों से आए प्रतिभागियों के अलग पहनावे, भाषाएं, खान-पान, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक परंपराएं एक ही परिसर में देखने को मिल रही हैं। कार्यक्रम में शामिल लोग इसे ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का जीवंत उदाहरण बता रहे हैं। बच्चों की प्रस्तुतियों में भारत की जनजातीय विविधता के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश भी दिखाई दे रहा है।

बच्चों की सुविधा के लिए की गई व्यापक व्यवस्था
राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल बच्चों के रहने, भोजन, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से प्रतिभागियों की सुविधाओं का लगातार ध्यान रखा जा रहा है। कैंप की व्यवस्थाओं की निगरानी विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, उपायुक्त संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी और जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी कर रहे हैं। आयोजन को सफल बनाने में जिला संगठन आयुक्त गौतम लेनिन की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है।
जिला परिषद अध्यक्ष ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की
जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव भी कैंप पहुंचे और अलग-अलग राज्यों से आए बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखीं। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को एक मंच पर देखना अपने आप में खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में सांस्कृतिक विविधता के बावजूद देश की सांस्कृतिक आत्मा एक है और यही भारत की सबसे बड़ी पहचान है।
दो दिनों से उत्साह और सौहार्द का माहौल
कैंप में पिछले दो दिनों से सभी गतिविधियां अनुशासित और उत्साहपूर्ण माहौल में चल रही हैं। अलग-अलग राज्यों से आए बच्चे एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं को जानने और समझने का प्रयास कर रहे हैं। इससे प्रतिभागियों के बीच राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और पारस्परिक सम्मान की भावना भी मजबूत हो रही है। लोहरदगा का यह नेशनल ट्राइबल मीट केवल जनजातीय संस्कृति की प्रस्तुति तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता का उत्सव बन गया है। अलग-अलग भाषाओं और परंपराओं के बीच एकता का यह संदेश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करता नजर आ रहा है।

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