सिमडेगा में जंगली हाथी का कहर, हमले में दो ग्रामीणों की मौत; जलडेगा में सड़क जाम

Meenu | August 9, 2026 | 11:43 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर देखने को मिला है। जलडेगा थाना क्षेत्र के कोनमेरला पंचायत के सौंडीडीपा गांव में शनिवार रात हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान भुन्डुपानी निवासी नोवेल बरला और कालू प्रधान के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत के साथ ग्रामीणों में आक्रोश भी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार सुबह जलडेगा में सड़क जाम कर वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।

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हाथी को भगाने निकले थे ग्रामीण, अचानक हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात गांव में जंगली हाथी के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद कई ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। फसल और घरों को नुकसान से बचाने के लिए ग्रामीण मशाल, लाठी-डंडे लेकर हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से बाहर खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान हाथी अचानक ग्रामीणों की ओर पलट गया। हाथी को अपनी तरफ आते देख ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे। इसी दौरान नोवेल बरला और कालू प्रधान हाथी की चपेट में आ गए। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी ने दोनों को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

तेज बारिश के बीच हुई घटना, इलाके में दहशत

घटना के समय इलाके में तेज बारिश भी हो रही थी। हाथी के हमले और खराब मौसम ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही से लोगों में डर का माहौल है। कई परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और कुछ लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

दो मौतों के बाद जलडेगा में सड़क जाम

हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत के बाद रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने जलडेगा में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हाथियों को आबादी वाले इलाकों से तत्काल बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण आए दिन जान-माल का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

विधायक ने वन विभाग को ठहराया जिम्मेदार

घटना पर कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने हाथी समस्या को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग करने की बात कही। विधायक के अनुसार, मामले को विधानसभा में भी उठाया जाएगा, ताकि हाथियों के बढ़ते आतंक से प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा और समस्या के स्थायी समाधान को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

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