15 साल के संघर्ष के बाद मां-बेटी को मिली नई उम्मीद, साहिबगंज पुलिस ने थामा हाथ; बेटी की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

Meenu | August 9, 2026 | 01:09 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,साहिबगंज : करीब 15 वर्षों से मुश्किल हालात में जिंदगी गुजार रही मां-बेटी के लिए साहिबगंज पुलिस की पहल उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। नगर थाना क्षेत्र के हबीबपुर स्थित सेंट्रल स्कूल मोहल्ले में रहने वाली रूबी सिन्हा और उनकी बेटी कृतिका लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन गुजार रही थीं। मामला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के संज्ञान में आने के बाद पुलिस प्रशासन ने परिवार की मदद के लिए कदम उठाया। मां-बेटी के रहने की व्यवस्था करने के साथ-साथ कृतिका की पढ़ाई जारी रखने के लिए भी जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई।

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शादी के बाद कथित प्रताड़ना का लगाया आरोप

रूबी सिन्हा के अनुसार, करीब 15 वर्ष पहले उनकी शादी हबीबपुर निवासी मनोज कुमार वर्मा से हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के कुछ वर्षों बाद उन्हें कथित प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। न्याय पाने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उनकी परिस्थितियों में स्थायी सुधार नहीं हो सका। रूबी का आरोप है कि उनकी बेटी कृतिका के साथ भी कथित दुर्व्यवहार किया गया और कम उम्र में उसकी शादी कराने का प्रयास किया गया। लगातार बढ़ती परेशानियों के बीच मां-बेटी को अलग रहकर जीवन गुजारना पड़ा। पति के पैतृक इलाके में उन्हें जमीन का एक टुकड़ा तो मिला, लेकिन वहां रहने के लिए उचित मकान, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे हालात में दोनों किसी तरह अपनी जिंदगी आगे बढ़ा रही थीं।

जनता दरबार में पहुंची रूबी, फिर पुलिस तक पहुंचा मामला

अपनी समस्या लेकर रूबी सिन्हा ने उपायुक्त के जनता दरबार में अपनी बात रखी। वहां से उन्हें पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने की सलाह दी गई। इसके बाद मामला एसपी अमित कुमार सिंह के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने परिवार की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पुलिस ने टेंट से लेकर बिजली और राशन तक की कराई व्यवस्था

एसपी के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन ने मां-बेटी के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था शुरू की। सबसे पहले शौचालय की व्यवस्था कराई गई। इसके बाद रहने के लिए टेंट, बिजली और राशन की व्यवस्था की गई। कृतिका की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उसे किताबें और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।

कृतिका की पढ़ाई को दी गई प्राथमिकता

राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कृतिका ने अपनी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए उसकी शिक्षा को प्राथमिकता दी गई और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। जरूरत के समय पीड़ित और असहाय लोगों की सहायता करना भी पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

मदद के बाद कृतिका के चेहरे पर लौटी उम्मीद

पुलिस की मदद मिलने के बाद कृतिका ने कहा कि इस सहयोग से उसके जीवन में फिर से उम्मीद जगी है। वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है और आगे अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करेगी। वहीं रूबी सिन्हा ने पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह और उपायुक्त के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहल से उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है। साहिबगंज पुलिस की यह पहल कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की तस्वीर पेश करती है। 15 वर्षों की मुश्किलों के बीच मां-बेटी को मिली यह मदद उनके लिए केवल राशन, बिजली या रहने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि अपनी जिंदगी को नए सिरे से आगे बढ़ाने का एक सहारा भी है।

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