26 साल से सड़क का इंतजार, अब ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा; चांपी-धौरा सड़क पर किया श्रमदान

Samachar Post रिपोर्टर,लोहरदगा : कुडू प्रखंड के चांपी से धौरा तक जाने वाली जर्जर सड़क के निर्माण का 26 साल से इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीण शुक्रवार को सड़क पर उतरे और श्रमदान कर गड्ढों को भरने का काम किया। ग्रामीणों ने अपने खर्च पर जेसीबी मंगवाई और सड़क पर मिट्टी व मोरम डलवाकर उसे आवागमन के लायक बनाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि चांपी-धौरा सड़क का निर्माण बिहार सरकार के समय हुआ था। इसके बाद से सड़क के पुनर्निर्माण की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन करीब 26 साल बीत जाने के बावजूद अब तक सड़क का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। लंबे समय से आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार छोड़कर खुद सड़क की मरम्मत शुरू कर दी।

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बारिश में सड़क की हालत और खराब

बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि कई जगह सड़क इतनी खराब हो गई है कि पैदल चलना भी मुश्किल है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

26 साल में सिर्फ मिला आश्वासन- ग्रामीण

ग्रामीण पिंकू बाबू ने कहा कि जिला मुख्यालय से महज 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सड़क 26 वर्षों से निर्माण की बाट जोह रही है। सड़क को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। रोशन अग्रवाल ने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके निर्माण से आसपास के कई गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। जनप्रतिनिधियों को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण की पहल करनी चाहिए।

अब आंदोलन की तैयारी

श्रमदान में शामिल पंचम लाल ने कहा कि ग्रामीणों के पास अब आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। यदि जल्द सड़क निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण एकजुट हैं और जरूरत पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। सामाजिक विचार मंच के संयोजक कवलजीत सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सितंबर माह के बाद ग्रामीणों को साथ लेकर जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण को लेकर जवाब मांगा जाएगा।

श्रमदान में बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल

सड़क मरम्मत के लिए किए गए श्रमदान में अशोक लाल, मोहन महतो, राजेश महतो, पिंकू बाबू, वाल्मीकि महतो, रोशन अग्रवाल, पंचम महतो, संजय महतो, लखन राम, उज्ज्वल अग्रवाल, पंचम लाल, आदित्य साहू, सुरेंद्र महतो, संतु महतो, भोला सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों के इस प्रयास ने 26 वर्षों से लंबित सड़क निर्माण की समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण के लिए कब ठोस पहल करते हैं।

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