Samachar Post रिपोर्टर, लातेहार : जिले के बालूमाथ में मुख्य सड़क पर उड़ रही धूल, कोयला वाहनों की लगातार आवाजाही और जाम की समस्या को लेकर शुक्रवार को व्यापार बंद रखा गया। व्यवसायियों और ग्रामीणों ने बुधवार को प्रजापति भवन में बैठक कर इस बंद का फैसला लिया था। उनका कहना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति से स्वास्थ्य, यातायात और कारोबार तीनों प्रभावित हो रहे हैं। व्यवसायियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगे अनिश्चितकालीन व्यापार बंद किया जा सकता है।
धूल और जाम से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक बालूमाथ मुख्य मार्ग से बड़ी संख्या में कोयला और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। इनके आवागमन के दौरान सड़क पर लगातार धूल उड़ती रहती है। वहीं भारी वाहनों के कारण कई बार जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों और दुकानदारों को परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि धूल की वजह से बाजार क्षेत्र में रहना और कारोबार करना मुश्किल हो गया है। दुकानों और घरों में लगातार धूल जमा होने से साफ-सफाई की समस्या भी बनी रहती है।

पहले भी निकाला गया था पैदल मार्च
व्यवसायियों और ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले मुख्य मार्ग की समस्याओं को लेकर टमटमटोला (भामाशाह चौक) से प्रखंड कार्यालय तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला गया था। इसके बाद अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर धूल, जाम और भारी वाहनों की समस्या से राहत दिलाने की मांग की गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से नाराजगी बढ़ी और व्यापार बंद का निर्णय लिया गया।
स्वास्थ्य और कारोबार पर असर का दावा
बैठक में लोगों ने कहा कि लगातार उड़ती धूल से सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी आवागमन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों के मुताबिक दुकानों में रखा सामान धूल से प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों की आवाजाही भी कम हुई है। जाम और प्रदूषण की वजह से कुछ दुकानदारों को समय से पहले दुकान बंद करने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क हादसों का भी जताया खतरा
स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों की आवाजाही के बीच दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई। उनका कहना है कि धूल के गुबार के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे पैदल चलने वालों और छोटे वाहनों के लिए खतरा बढ़ता है। हालांकि, पूर्व में हुई दुर्घटनाओं और उनके कारणों से जुड़े स्थानीय दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। व्यवसायियों का कहना है कि वे आवश्यक परिवहन के विरोध में नहीं हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर व्यवस्था जरूरी है।

नो-एंट्री और बाईपास की मांग
व्यवसायियों और ग्रामीणों ने बालूमाथ शहर में भारी मालवाहक वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू करने की मांग की है। साथ ही कोयला वाहनों के लिए शहर से बाहर बाईपास सड़क बनाने की मांग रखी गई है। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर धूल नियंत्रण, नियमित सफाई और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की भी मांग की गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
बैठक में तय किया गया था कि 18 सितंबर 2026, शुक्रवार को बालूमाथ में व्यापार बंद रखा जाएगा। अब व्यवसायियों ने संकेत दिया है कि यदि प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अनिश्चितकालीन व्यापार बंद का निर्णय लिया जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए है। अब प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है।



















