Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट में शनिवार को अधिवक्ता परिषद की झारखंड हाईकोर्ट इकाई का स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला आरक्षण कानून और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। कानून जगत से जुड़े वक्ताओं ने लोकतंत्र को मजबूत करने और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर कानूनी पहलुओं की चर्चा
समारोह के दौरान हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज टंडन समेत अन्य वक्ताओं ने महिला आरक्षण कानून और परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़े कानूनी एवं वैचारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। चर्चा में इन विषयों के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी विचार साझा किए गए। राजेंद्र कुमार मिश्रा ने अधिवक्ता परिषद के इतिहास, इसकी वैचारिक प्रतिबद्धता और अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों और पड़ावों की जानकारी दी। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट इकाई के अध्यक्ष अनिल कुमार कश्यप ने संगठन की एकजुटता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका पर जोर दिया।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन और संयोजन अधिवक्ता अवनीश रंजन मिश्रा ने किया। समारोह में प्रांतीय अध्यक्ष प्रशांत विद्यार्थी, एडवोकेट्स एसोसिएशन झारखंड हाईकोर्ट के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता एमएम पाल, लीना मुखर्जी, महामंत्री दिवाकर झा, कोषाध्यक्ष रंजना मुखर्जी और पवन कुमार पाठक समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। स्थापना दिवस समारोह के दौरान संगठन के इतिहास और अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे समकालीन विषयों पर चर्चा को कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा बनाया गया।


















