Samachar Post रिपोर्टर, रांची : जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे झारखंड के 26 बच्चों के लिए इलाज की नई उम्मीद जगी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इन बच्चों को बेहतर इलाज और हार्ट सर्जरी के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सोमवार शाम 5 बजे हटिया रेलवे स्टेशन से बच्चों और उनके अभिभावकों को कोच्चि के लिए रवाना करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा भी मौजूद रहेंगे।
बच्चों और अभिभावकों का इलाज से लेकर रहने-खाने तक का खर्च निःशुल्क
इन बच्चों के इलाज के साथ उनके अभिभावकों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी निःशुल्क की जाएगी। प्रत्येक बच्चे के साथ माता-पिता या एक अभिभावक को भेजा जाएगा। यात्रा के लिए 3एसी ट्रेन टिकट की व्यवस्था की गई है। कोच्चि के अमृता अस्पताल में बच्चों की सर्जरी और उपचार का पूरा खर्च नहीं लिया जाएगा। इलाज के दौरान साथ गए परिजनों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी निःशुल्क रहेगी।
गोड्डा के 5 बच्चे, बोकारो और दुमका से 4-4
इस दल में गोड्डा जिले के सबसे अधिक 5 बच्चे शामिल हैं। वहीं बोकारो और दुमका के 4-4 बच्चों को इलाज के लिए भेजा जा रहा है। गिरिडीह, जामताड़ा और पाकुड़ के 2-2 बच्चे भी इस दल में शामिल हैं। इसके अलावा रांची, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद और गुमला के एक-एक बच्चे को भी हार्ट सर्जरी के लिए कोच्चि भेजा जा रहा है।
अब तक 387 बच्चों का कराया जा चुका है निःशुल्क इलाज
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत झारखंड में अब तक जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 387 बच्चों का निःशुल्क उपचार कराया जा चुका है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
चतरा और हजारीबाग में लगेगा विशेष जांच शिविर
अभियान को आगे बढ़ाते हुए अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में चतरा और हजारीबाग में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अमृता अस्पताल, कोच्चि के संयुक्त तत्वावधान में लगने वाले इस शिविर में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाएगी। जांच के बाद जरूरतमंद बच्चों को बेहतर इलाज और सर्जरी के लिए विशेषज्ञ अस्पताल भेजने की प्रक्रिया की जाएगी।



















