Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) को याचिकाकर्ता की नियुक्ति करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया गया है और उस अवधि में नियमों में संशोधन लागू हो चुका है, तो केवल इस आधार पर नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता कि कर्मचारी की मृत्यु संशोधन से पहले हुई थी। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने CCL की ओर से नियुक्ति से संबंधित खारिज किए गए आदेशों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने प्रबंधन को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।
2023 में हुई थी कोयला कर्मी की मौत
मामला CCL कर्मी स्वर्गीय अंशु उरांव की मृत्यु से जुड़ा है। उनका निधन 3 अगस्त 2023 को हुआ था। इसके बाद उनकी मां ने मृत कर्मी की अविवाहित बहन स्मृति कुमारी के लिए अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया था। उस समय CCL ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया था कि लागू नियमों में अविवाहित बहन को मृत कर्मचारी के आश्रित के रूप में शामिल करने का प्रावधान नहीं था।
नियम में संशोधन के बाद फिर किया गया आवेदन
मामले में बाद में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ। 11 जून 2024 को NCWA-XI के तहत अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया। संशोधन के बाद अविवाहित बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया। इसके बाद स्मृति कुमारी की ओर से दोबारा अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया गया। हालांकि, CCL प्रबंधन ने इस आवेदन को भी खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने CCL के आदेश किए रद्द
CCL के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने नियुक्ति से इनकार करने के आधारों पर विचार किया। अदालत ने CCL के संबंधित आदेशों को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया और प्रबंधन को छह सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया।

















