Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में डुमरिया निवासी और बेंगलुरु से एमबीए कर चुके अजय कुमार नायक उर्फ सोनू तथा खैरबनी निवासी सैलून संचालक विकास बारिक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस साइबर गिरोह का कथित मास्टरमाइंड घाटशिला निवासी कृष्णा ओझा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पंजाब के कारोबारी के खाते से उड़ाए 3.08 लाख रुपये
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आरोपियों ने साइबर ठगी के जरिए पंजाब के पटियाला निवासी करण जैन के बैंक खाते से 3.08 लाख रुपये की निकासी की थी। मामले में पीड़ित ने पटियाला साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में पता चला कि जनवरी 2026 में पीड़ित को एक फर्जी लिंक भेजा गया था। लिंक पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने उसके बैंक खाते तक पहुंच बना ली और बड़ी राशि ट्रांसफर कर ली।
प्रतिबिंब पोर्टल पर शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर मामला दर्ज होने के बाद डुमरिया पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया के खाते, पैन कार्ड, आधार कार्ड समेत कई संदिग्ध सामग्री बरामद की है।जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अजय नायक के बैंक खाते से करीब 80 हजार रुपये और विकास बारिक के खाते से लगभग 2.50 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क का संचालन कथित रूप से कृष्णा ओझा कर रहा था। उसने विभिन्न लोगों को जोड़कर ठगी का नेटवर्क तैयार किया था। अधिकारियों को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद साइबर अपराध से जुड़े कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

मोबाइल हैक कर बिना OTP उड़ाए 5 लाख रुपये
इसी बीच जमशेदपुर के साकची आमबगान क्षेत्र से साइबर अपराध का एक और मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के मोबाइल फोन को कथित रूप से हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 5 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित के अनुसार, अचानक उसके मोबाइल का नेटवर्क बंद हो गया और कुछ समय बाद फोन ने काम करना बंद कर दिया। बाद में मोबाइल चालू होने पर खाते से पैसे कटने के संदेश मिलने लगे। पीड़ित का दावा है कि ट्रांजेक्शन के दौरान न तो कोई ओटीपी आया और न ही कोई संदिग्ध मैसेज प्राप्त हुआ। मामले की शिकायत साइबर थाना में दर्ज कराई गई है और पुलिस तकनीकी जांच में जुटी हुई है।
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पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध वीडियो कॉल या मैसेज से बचें और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय रहते शिकायत दर्ज होने पर ठगी गई राशि को बचाने या ट्रांजेक्शन रोकने की संभावना बढ़ जाती है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

