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हजारीबाग में रांची जाने वाली यात्री बसें रोकी गईं, JPSC आंदोलन के बीच यात्रियों में आक्रोश; प्रशासन पर उठे सवाल

Meenu | August 9, 2026 | 03:18 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : JPSC प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर रांची में प्रस्तावित छात्र आंदोलन और विधानसभा घेराव से पहले हजारीबाग में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रविवार को शहर में रांची जाने वाली कई यात्री बसों को रोकने का मामला सामने आया। क्षितिज अस्पताल के पास यात्रियों से भरी करीब 3-4 बसों को लगभग एक घंटे तक रोके जाने का वीडियो भी सामने आया है। बसों में सवार यात्रियों का आरोप है कि उन्हें रांची जाने से रोक दिया गया और बसों को रोके जाने की स्पष्ट वजह भी नहीं बताई गई।

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क्षितिज अस्पताल के पास करीब एक घंटे तक खड़ी रहीं बसें

प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, हजारीबाग के क्षितिज अस्पताल के समीप रांची जाने वाली कई बसों को रोककर रखा गया। बसों में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। यात्रियों का कहना है कि मौके पर बसों को रोके जाने के पीछे ‘सरकारी आदेश’ का हवाला दिया गया, लेकिन उन्हें आदेश या कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। लंबे समय तक बसें खड़ी रहने के कारण यात्रियों में नाराजगी बढ़ने लगी। कई यात्रियों को रांची पहुंचने में देरी होने की चिंता सताने लगी।

यात्रियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया शेयर

बसों में मौजूद कुछ यात्रियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। यात्रियों का कहना है कि अगर प्रशासन की ओर से कोई विशेष आदेश जारी किया गया है, तो आम यात्रियों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।

JPSC आंदोलन को लेकर प्रशासन की बढ़ी सतर्कता

यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब JPSC प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्र और अभ्यर्थी रांची में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की ओर से विधानसभा घेराव का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसे देखते हुए रांची जाने वाले प्रमुख मार्गों पर प्रशासन की ओर से निगरानी और सतर्कता बढ़ाए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि हजारीबाग के अलावा कोडरमा, चतरा और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी रांची पहुंचने की तैयारी में हैं।

बस, ट्रेन और निजी वाहनों से रांची पहुंचने की तैयारी

आंदोलन में शामिल होने के लिए छात्र और अभ्यर्थी बस, ट्रेन और निजी वाहनों के जरिए रांची जाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए रांची जाने वाले लोगों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। हालांकि, हजारीबाग में यात्री बसों को रोके जाने के संबंध में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान या आदेश की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

क्या आंदोलनकारियों को रांची पहुंचने से रोकने की कोशिश?

बसों को रोके जाने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रशासन आंदोलन में शामिल होने वाले छात्रों और अभ्यर्थियों को रांची पहुंचने से रोकने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बसों को किस विशेष आदेश के तहत रोका गया और कार्रवाई का आधिकारिक उद्देश्य क्या था। यात्रियों का कहना है कि यदि कानून-व्यवस्था को लेकर कोई प्रतिबंध या विशेष व्यवस्था लागू की गई है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

आम यात्रियों की परेशानी पर भी उठे सवाल

रांची जाने वाली बसों में सिर्फ छात्र या आंदोलनकारी ही नहीं, बल्कि आम यात्री भी सवार थे। इनमें इलाज, नौकरी, निजी काम और अन्य जरूरी कार्यों से रांची जाने वाले लोग भी शामिल थे। बसों को रोके जाने से इन यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का सवाल है कि यदि कार्रवाई का उद्देश्य केवल आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों की आवाजाही पर नजर रखना है, तो सामान्य यात्रियों को लंबे समय तक क्यों रोका गया? दूसरी ओर, प्रशासन के सामने संभावित भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी बनी हुई है।

प्रशासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार

फिलहाल बसों को रोके जाने के मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है। आधिकारिक आदेश या बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बसों को किन कारणों और किस प्रावधान के तहत रोका गया था।

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