Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : हजारीबाग में रेल सुविधाओं का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। रेलवे को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा की ओर से उठाए गए सवालों के बीच हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने रेल परियोजना के इतिहास, कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के विस्तार को लेकर अपना पक्ष रखा है। मनीष जायसवाल का कहना है कि बहस सिर्फ इस बात तक सीमित नहीं रहनी चाहिए कि हजारीबाग में रेल लाइन किस उद्देश्य से बनाई गई थी। उनके अनुसार, मौजूदा समय में इस रेल नेटवर्क का इस्तेमाल आम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए किस तरह किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा जरूरी है।
रेल लाइन और यात्री सुविधाओं को लेकर सवाल
रेलवे को लेकर उठ रही बहस में यह सवाल प्रमुख है कि हजारीबाग की रेल कनेक्टिविटी का लाभ आम यात्रियों को अपेक्षित रूप से कितना मिल रहा है। राजनीतिक चर्चा में यह मुद्दा भी उठता रहा है कि क्षेत्र में औद्योगिक और कोयला परिवहन की जरूरतों के मुकाबले यात्री रेल सेवाओं का विस्तार सीमित रहा है। सांसद मनीष जायसवाल ने अलग-अलग समय में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और रेलवे से जुड़े कार्यों का जिक्र करते हुए यात्री ट्रेनों के विस्तार की जरूरत पर जोर दिया है।
2015 के बाद रेल परियोजना, यात्री ट्रेनों के विस्तार की मांग
मनीष जायसवाल के अनुसार, हजारीबाग की रेल परियोजना वर्ष 2015 में शुरू हुई थी। उनका कहना है कि इसके बाद क्षेत्र में यात्री ट्रेनों और रेल सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। उन्होंने वर्ष 2019 से 2024 के बीच रेलवे क्षेत्र में हुए कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। यह सांसद का राजनीतिक आकलन है; इस अवधि के रेलवे कार्यों का स्वतंत्र मूल्यांकन संबंधित परियोजनाओं, स्वीकृतियों और उनके क्रियान्वयन के आधार पर किया जा सकता है।
कोयला परिवहन के साथ यात्री सेवाओं पर जोर
हजारीबाग की रेल व्यवस्था को लेकर एक अहम सवाल माल परिवहन और यात्री सेवाओं के बीच संतुलन का है। सांसद ने क्षेत्र में यात्री ट्रेनों के विस्तार की आवश्यकता उठाई है। उनके अनुसार, उन्होंने लोकसभा में हजारीबाग क्षेत्र के लिए नई यात्री ट्रेनों, रेल लाइन के दोहरीकरण और दिल्ली, कोलकाता तथा वेल्लोर जैसे शहरों के लिए रेल सेवाओं की मांग रखी है।
बरकाकाना कोचिंग डिपो से नई ट्रेनों की उम्मीद
रेल सुविधाओं के विस्तार में बरकाकाना कोचिंग डिपो को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सांसद मनीष जायसवाल ने प्रस्तावित कोचिंग डिपो और मल्टी-फंक्शनल कॉम्प्लेक्स के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया था। सांसद के मुताबिक, कोचिंग डिपो बनने के बाद नई यात्री ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे हजारीबाग से लंबी दूरी की ट्रेनों के विस्तार की मांग को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुंबई के बाद दिल्ली, कोलकाता और दक्षिण भारत की मांग
सांसद ने बताया कि हजारीबाग से मुंबई के लिए रेल सेवा शुरू हो चुकी है। अब दिल्ली, कोलकाता और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के लिए बेहतर रेल संपर्क की मांग को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि वे रेल मंत्रालय और संबंधित केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र की रेल जरूरतों को लगातार रखते रहे हैं। उन्होंने मंत्रालय स्तर पर नियमित मुलाकात के जरिए प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की बात कही है।
रेलवे के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
यशवंत सिन्हा के बयान के बाद हजारीबाग की रेल व्यवस्था को लेकर पुराने कामकाज, वर्तमान प्रयास और भविष्य की परियोजनाओं पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मनीष जायसवाल ने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक बयानबाजी बताया है और जनता से अलग-अलग कार्यकाल के कामकाज की तुलना करने की बात कही है। फिलहाल, हजारीबाग के रेल मुद्दे पर आगे की तस्वीर प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति और नई यात्री सेवाओं के संचालन से स्पष्ट होगी। क्षेत्र में यात्री ट्रेनों के विस्तार और बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग लगातार उठती रही है।





















