Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में पुलिस और उत्पाद विभाग के मालखानों में लंबे समय से पड़ी जब्त शराब का अब पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने राज्य के सभी 24 जिलों के एसपी-एसएसपी को पत्र भेजकर पिछले 26 वर्षों में जब्त की गई अवैध शराब का विस्तृत ब्योरा मांगा है। विभाग का लक्ष्य जब्ती से जुड़े पुराने रिकॉर्ड को एक जगह जुटाकर व्यवस्थित और डिजिटल करना है।
थाना स्तर पर मांगी गई पूरी जानकारी
उत्पाद विभाग ने जिलों से कहा है कि पुलिस द्वारा जब्त शराब की समेकित रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाए। रिपोर्ट में किस थाना क्षेत्र में, किस तारीख को, किस कांड के तहत और कितनी मात्रा में शराब जब्त की गई, इसकी जानकारी शामिल करनी होगी। इसके अलावा जब्त शराब की मौजूदा स्थिति, उससे जुड़े प्राथमिकी और आरोपियों से संबंधित विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। विभाग इन जानकारियों के आधार पर जिलावार और थाना स्तर का रिकॉर्ड तैयार करेगा।

मालखानों में लंबे समय से रखी शराब पर नजर
विभाग का कहना है कि कई मामलों में जब्त शराब लंबे समय से मालखानों में पड़ी हो सकती है। विशेष रूप से अवैध या संदिग्ध शराब के मामलों में उसके सुरक्षित निस्तारण के लिए रिकॉर्ड और संबंधित कानूनी प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद के मुताबिक, सभी जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग पूरे मामले की समीक्षा करेगा और जब्त शराब के विनष्टीकरण को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
बनाया जाएगा डिजिटल रिकॉर्ड
इस पूरी कवायद के तहत जब्त शराब का व्यवस्थित डिजिटल डेटाबेस तैयार करने की भी योजना है। इसमें शराब की मात्रा, जब्ती की तारीख, संबंधित थाना, कांड संख्या और मामले की वर्तमान स्थिति जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इससे भविष्य में जब्त शराब से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाने और पुराने रिकॉर्ड को ट्रैक करने में आसानी होगी।
अवैध शराब पर कार्रवाई की निगरानी भी होगी मजबूत
झारखंड सरकार पहले भी अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, बिक्री और तस्करी पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दे चुकी है। जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक में भी अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निगरानी पर जोर दिया गया था। अब 26 वर्षों के जब्ती रिकॉर्ड को एकत्र करने की पहल के जरिए विभाग पुराने मामलों की स्थिति और मालखानों में रखे जब्त स्टॉक का विस्तृत आकलन करने की तैयारी में है।


















