Samachar Post रिपोर्टर, रांची : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), झारखंड ने JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग की है। परिषद ने इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई है। शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में ABVP ने कहा कि JPSC भर्ती परीक्षाओं के परिणाम, OMR शीट, मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित हेरफेर, अधिकारियों की गिरफ्तारी, निजी एजेंसियों की भूमिका और कई परीक्षाओं के स्थगन जैसी घटनाओं ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी अभ्यर्थी लंबे समय से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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गरीब और वंचित अभ्यर्थियों पर पड़ा सबसे अधिक असर
परिषद का कहना है कि इन घटनाओं का सबसे अधिक प्रभाव गरीब, दलित, आदिवासी, वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ा है। वर्षों की मेहनत के बावजूद उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ABVP के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि यह लड़ाई झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और न्याय की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द पारदर्शी और ठोस कदम नहीं उठाती है तो परिषद राज्यभर में हस्ताक्षर अभियान, परिसर प्रदर्शन, पत्रकार वार्ता, मानव श्रृंखला, एक दिवसीय भूख हड़ताल, मशाल जुलूस और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन आयोजित करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर राज्यव्यापी जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
ABVP की प्रमुख मांगें
ABVP ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। परिषद ने मांग की है कि JPSC और JSSC की विवादित भर्ती प्रक्रियाओं को तत्काल रद्द कर पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दी जाए। इसके अलावा परिषद ने कथित अनियमितताओं से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों और अन्य संबंधित लोगों की निष्पक्ष जांच तथा भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी, डिजिटल ऑडिट योग्य और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की है। ABVP ने अंत में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।

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