Samachar Post रिपोर्टर, रांची : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के तीसरे दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के पार्ट-टाइम सदस्य और अर्थशास्त्री डॉ. राकेश मोहन ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित किया। विश्वविद्यालय ने भी 24 सितंबर को आयोजित दीक्षांत समारोह से जुड़े कार्यक्रमों की आधिकारिक सूचनाएं जारी की थीं। समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रहे। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. राजीव मनोहर, विश्वविद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
कड़ी मेहनत और लगातार सीखते रहने को बताया सफलता की कुंजी
अपने दीक्षांत संबोधन में डॉ. राकेश मोहन ने विद्यार्थियों को नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की आदत जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री हासिल करना मंजिल नहीं, बल्कि सीखने और खुद को विकसित करने की लंबी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यार्थियों को बदलती परिस्थितियों के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए और नई चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए।

माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को किया याद
डॉ. मोहन ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धि के पीछे परिवार के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका होती है।उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय तक विद्यार्थियों की ज्ञान-यात्रा में परिवार और शिक्षक लगातार सहयोग करते हैं।
डिग्री के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के नए चरण की शुरुआत भी है। अब विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का उपयोग समाज और देश के विकास में करना होगा। उन्होंने छात्रों को स्वयं सीखने की आदत विकसित करने और समस्याओं के समाधान के लिए अपनी सोच तथा आत्मविश्वास को मजबूत करने का संदेश दिया।
निजी क्षेत्र में अवसरों के लिए तैयार रहने की सलाह
डॉ. राकेश मोहन ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं के लिए निजी क्षेत्र और विभिन्न नए सेक्टरों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ऐसे में विद्यार्थियों को किसी एक क्षेत्र या करियर विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग संभावनाओं को समझना चाहिए। उन्होंने तकनीकी और पेशेवर कौशल के साथ बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करने पर जोर दिया।
DSPMU में 6,415 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
दीक्षांत समारोह से जुड़े उपलब्ध विवरण के अनुसार, विश्वविद्यालय में 6,415 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 3,065 छात्र और 3,350 छात्राएं शामिल थीं। 142 गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जिनमें 93 छात्राओं और 49 छात्रों ने पदक हासिल किए। इसके अलावा 20 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। EAC-PM की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार डॉ. राकेश मोहन वर्तमान में परिषद के पार्ट-टाइम सदस्य हैं। वे पहले रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर, वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार और IMF के कार्यकारी निदेशक जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। समारोह के दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




















