मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती का धुआं बना जानलेवा, एक ही परिवार के 4 सदस्य बेहोश

Rupa Kumari | August 21, 2026 | 02:52 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : सिल्ली प्रखंड के हेसाहातु गांव में मच्छर भगाने के लिए जलाई गई अगरबत्ती का धुआं एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। बंद कमरे में रातभर धुआं जमा होने से परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है।

बंद कमरे में सोया था पूरा परिवार

जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात अशोक दत्ता (47), उनकी पत्नी लक्ष्मी दत्ता (42), बेटी ब्यूटी दत्ता (14) और बेटा महावीर दत्ता (12) भोजन करने के बाद एक ही कमरे में सोने चले गए। मच्छरों से बचाव के लिए कमरे में अगरबत्ती जलाई गई थी, जबकि खिड़कियां और दरवाजे लगभग बंद थे। रातभर कमरे में धुआं भरता रहा, जिससे चारों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।

सुबह नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा

शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों को चिंता हुई। काफी प्रयास के बाद 12 वर्षीय महावीर दत्ता किसी तरह दरवाजा खोलने में सफल हुआ। अंदर का दृश्य देखकर लोग हैरान रह गए। परिवार के अन्य सदस्य बेहोश पड़े थे। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल चारों को झालदा सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद तीन एंबुलेंस के माध्यम से सभी को मुरी स्थित सिंगपुर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

तीन की हालत गंभीर, वेंटिलेशन पर इलाज जारी

सिंगपुर नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. रमनेश प्रसाद के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के समय चारों की हालत गंभीर थी। उपचार के बाद महावीर दत्ता को होश आ गया है और उसकी स्थिति अब स्थिर है। हालांकि अशोक दत्ता, लक्ष्मी दत्ता और ब्यूटी दत्ता की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। तीनों को वेंटिलेशन सपोर्ट पर रखा गया है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

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इलाके में चिंता का माहौल

घटना के बाद हेसाहातु गांव और आसपास के क्षेत्रों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मच्छर भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करते समय पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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